धर्मशाला – मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत जिला कांगड़ा में अनाथ, निराश्रित, परित्यक्त एवं उपेक्षित 746 बच्चों के कल्याण के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से गत वित्त वर्ष के दौरान 7 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि व्यय की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, पोषण अभियान, मिशन शक्ति, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर, आंगनवाड़ी सेवाएं, किशोरी बालिका कार्यक्रम तथा विभाग की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
हेमराज बैरवा ने बताया कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत गत वर्ष सामाजिक सुरक्षा के लिए 90.91 लाख रुपये, गृह निर्माण हेतु 2.94 करोड़ रुपये, विवाह अनुदान के रूप में 2.56 करोड़ रुपये, उच्च शिक्षा के लिए 48.85 लाख रुपये, प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग हेतु 4.43 लाख रुपये तथा स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 39.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
उपायुक्त ने बताया कि जिला कांगड़ा में कुछ ऐसे असहाय बच्चों की पहचान हुई है जोकि बहुत प्रतिभाशाली हैं। उन्होंने ऐसे बच्चों की शैक्षणिक दक्षता को निखारने के लिए आर्थिक मदद हेतु विभागीय योजनाओं के साथ-साथ स्वयं सेवी संस्थाओं से भी संवाद स्थापित करें ताकि प्रदेश सरकार की असहाय एवं जरूरतमंद बच्चों के प्रति प्रतिबद्धता और अधिक सशक्त रूप में सामने आए।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अशोक शर्मा ने आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रदान की जा रही सेवाओं, कुपोषण की रोकथाम, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, प्री-स्कूल शिक्षा तथा पोषण ट्रैकर की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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