हिमवंती मीडिया/शिमला
करीब 38 वर्षों की सेवा करने के उपरांत जय कृष्ण सिविल अस्पताल जुन्गा से रिटायर हुए। इनकी सेवानिवृति पर सिविल अस्पताल जुन्गा के चिकित्सकों एवं स्टाफ सदस्यों ने एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें जयकृष्ण के परिजन भी शमिल हुए। सिविल अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ0 मनोज वर्मा ने जयकृष्ण और उनकी धर्मपत्नी सुनिता को फूलों के हार , हिमाचली टोपी, शॉल व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया और पहाड़ी व्यंजन पर आधारित प्रीतिभोज का आयोजन किया गया। गौर रहे कि जयकृष्ण मूलतः जुन्गा के समीप कयाणा गांव के रहने वाले हैं। डॉ0 मनोज ने जयकृष्ण को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जय कृष्ण एक बहुत ही ईमानदार, मृदुभाषी, कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी रहे जिन्होंने अपने पद से अलावा अस्पताल में मरीजों की सेवा और सहायता में योगदान देकर एक पुनीत कार्य किया है। स्वास्थ्य विभाग इनकी सेवाओं को कभी नहीं भुला पाएगा। जयकृष्ण ने कहा कि उन्होने जनवरी 1989 को आईजीएमसी शिमला से अपनी सेवाएं आरंभ की थी तदोपरांत उन्होने सारी जॉब सिविल अस्पताल जुन्गा में ही की है। उन्होने बताया कि सर्विस के दौरान उन्हें सभी चिकित्सकों व स्टाफ का बहुत सहयोग मिला है जिसके लिए वह सदैव आभारी रहेगें। इस मौके पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया जिसमें अस्पताल के स्टाफ ने जय कृष्ण को कंधे पर उठाकर झूम झूम कर नृत्य किया।
