हिमवंती मीडिया/सिरमौर

ठुंडू बिरादरी के गांव भैड़ाल (चांदपुरधार) में धार्मिक आस्था और परंपरा का भव्य संगम देखने को मिला, जहां शांत महायज्ञ पर्व का आयोजन बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस पावन अवसर पर शिरगुल महाराज के मंदिर में विधिवत प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई। कार्यक्रम के दौरान कुरूड़, चोटी और शिखा की स्थापना की गई, जो स्थानीय धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। इस अनुष्ठान में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य अर्जित किया और देव आशीर्वाद प्राप्त किया।

महायज्ञ के दौरान लिंबरगान और देव महिमा मंडन के माध्यम से देवता का विधिवत आव्हान किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। पारंपरिक वाद्य यंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालुओं की गहरी आस्था साफ झलकती रही। स्थानीय लोगों के अनुसार इस प्रकार के धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी मजबूत बनाते हैं। इस भव्य आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बना दिया और लोगों ने इसे एक यादगार पर्व के रूप में मनाया।