नगर एवं ग्राम नियोजन से जुड़ी जन शिकायतों का होगा समयबद्ध समाधान बोले नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग

हिमवंती मीडिया/शिमला 

नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि विभाग ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जन समस्याओं का समयबद्ध निवारण करने के दृष्टिगत शिकायत निवारण प्रणाली के तहत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य टीसीपी से संबधित शिकायतों के निवारण के लिए एक पारदर्शी तंत्र तैयार करना है ताकि स्थानीय स्तर पर जन शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके। इस प्रणाली के तहत डिविज़नल टाउन प्लानिंग ऑफिस में डिविज़नल टाउन प्लानिंग ग्रिवेन्सिस रिडेªसल अथॉरिटी का गठन किया गया है। यहां लोग टाउन एंड कंट्री प्लानर के पास अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं। समाधान से संतुष्ट न होने की स्थिति पर स्टेट टाउन प्लानर के पास अपील दर्ज की जा सकती है। सब-डिविज़नल टाउन प्लानिंग ऑफिस में सब-डिविज़नल टाउन प्लानिंग ग्रिवेन्सिस रिडेªसल अथॉरिटी गठित की गई है जिसमें असिस्टेंट टाउन प्लानर के पास शिकायतें दर्ज करवाई जा सकती हैं। समाधान से संतुष्ट न होने की स्थिति में टाउन एंड कंट्री प्लानर को अपील की जा सकती है। चंबा, ऊना और बिलासपुर ज़िला में डिविज़नल टाउन प्लानिंग ऑफिस न होने की स्थिति में चंबा के लोग टाउन एंड कंट्री प्लानर धर्मशाला, ऊना के लोग टाउन एंड कंट्री प्लानर हमीरपुर और बिलासपुर ज़िला के लोग टाउन एंड कंट्री प्लानर मंडी को अपनी शिकायतें प्रेषित कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि प्राधिकरण को 15 कार्य दिवसों के भीतर जन शिकायतों को सुनना होगा और 30 कार्य दिवसों के भीतर उनका निवारण सुनिश्चित करना होगा। शिकायतों के निवारण न होने की स्थिति में प्राधिकरण 5 कार्य दिवसों के भीतर शिकायतों को आगामी कार्यवाही हेतु प्रेषित करेगा। अपीलीय प्राधिकरण को 5 कार्य दिवसों के भीतर अपील को रजिस्टर करना होगा और 30 कार्य दिवस के भीतर सुनवाई और समीक्षा प्रक्रिया की जाएगी तथा अपील पंजीकरण की प्राप्ति की तिथि से 60 कार्य दिवस के भीतर अंतिम निर्णय दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता टीसीपी वेबसाइट पर समर्पित पोर्टल और ज़िला डिस्ट्रिक टाउन प्लानर कार्यालय में निर्धारित प्रारूप में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। जन शिकायतों के निवारण के लिए राज्य शिकायत निगरानी समिति का गठन किया जाएगा जो शिकायत निवारण प्राधिकारियों द्वारा की गई शिकायतों के निवारण का मूल्याकंन करेगी तथा समिति के अर्ध-वार्षिक रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा की सरकार राज्य में प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है और समयबद्ध शिकायत निवारण में असफल रहने वाले अधिकारियों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी।

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