प्रदेश में स्थापित उद्योग को सशक्त बनाएगी सरकार:- मुख्यमंत्री

हिमवंती मीडिया/शिमला 

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उद्योग विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय हिम एमएसएमई फेस्ट 2026  के तहत पीटरहॉफ शिमला में देश विदेश के प्रमुख उद्योगों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और उद्यमियों से संवाद किया। सम्मेलन के दौरान प्रदेश में उद्योगों के विस्तार और प्रोत्साहन पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के साथ उद्यमियों ने 10 हजार करोड़ रुपये लागत के उद्यम स्थापित करने के लिए 37 प्रतिबद्धता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही नई उद्योग नीति लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेश-अनुकूल परितंत्र विकसित करने के लिए निरंतर नवीन पहलें कर रही है, ताकि हिमाचल प्रदेश निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक इन्वेस्ट डेस्टिनेशन बन सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की परिकल्पना इसे हरित औद्योगिकीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में प्रगति के साथ-साथ ग्रामीण औद्योगिकीकरण का एक सशक्त आर्थिक केंद्र बनाने की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पेट्रो फ्यूल ईंधन से चलित सभी 22 हजार टैक्सी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ई वी वाहनों से बदला जाएगा। इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार नई योजना लेकर आ रही है, जिसके तहत 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन ईंधन से बसों के परिचालन के लिए टेंडर शीघ्र ही जारी किया जाएगा। उद्यमियों की धारा 118 से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाएगा। प्रदेश सरकार राज्य में टेक्सटाइल इंडस्ट्री को भी बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में स्थापित उद्योगों को सशक्त बनाएगी। औद्योगिक क्षेत्रों में लॉजेस्टिक कॉस्ट को कम किया जाएगा और आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बद्दी से चंडीगढ़ रेलवे लाइन के लिए केंद्र सरकार को अपने सारे शेयर का अग्रिम भुगतान कर दिया है। इसके अंतर्गत एमएसई फार्मा लैब, एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में गैस कनेक्टिविटी, बद्दी एवं ऊना में कौशल विकास केंद्र तथा सीआईपीईटी जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लिए एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि ऊना में बल्क ड्रग पार्क है, जिसे 568.75 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए अंतिम पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 2071 करोड़ रुपये की पूंजीगत लागत वाला यह पार्क 8000 रुपये से 10,000 करोड़ रुपये तक के निवेश को आकर्षित करने तथा लगभग 15000 से 20,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों के विचारों को सुनना तथा अनुभवों से सीखना हमारे लिए एक अत्यंत समृद्ध और प्रेरक अनुभव रहा है। हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हमने ऐसे उद्योग जगत के अग्रणी हितधारकों के साथ संवाद की शुरुआत की है, जो हमारे दृष्टिकोण को साझा करते हैं और इसे साकार करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को विश्वास दिलाया कि प्रदेश सरकार राज्य की प्रगति के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और उनकेे औद्योगिक उपक्रमों की स्थापना एवं विकास में हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए उदार नीतियां तैयार की जा रही हैं ताकि राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ रोज़गार के अवसर सृजित हो और आर्थिकी को भी बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्यमियों को हर संभव मदद प्रदान की जा रही है। विभिन्न नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। उन्होंने उद्योगों को दिए जा रहे विभिन्न प्रोत्साहन की विस्तार से जानकारी दी। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग आर. डी. नजीम ने प्रदेश में उद्योगों के विकास, संवर्धन और प्रदेश सरकार की विभिन्न नवाचार पहलों की विस्तृत जानकारी दी। आयुक्त उद्योग डॉ. यूनुस ने मुख्यमंत्री और सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर महापौर सुरेन्द्र चौहान, नीति आयोग के उप-सचिव अरविंद कुमार , वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य उपस्थित रहे।

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