हिमवंती मीडिया/शिमला
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग मामले के एक प्रवक्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश को आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन के नवीन उपयोग के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी गई है। राज्य को यह पुरस्कार भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकारी (गुडी स्टूडियो) द्वारा दिया गया है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश को यह सम्मान राशन वितरण प्रणाली (पीडीएस) में आधार प्रौद्योगिकी को लागू करने वाला देश का अग्रणी राज्य बनने पर प्रदान किया गया है। यह पुरस्कार डिजिटल समाधान लागू करने के लिए हिमाचल प्रदेश में अग्रणी भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार हैदराबाद में आधार दिवस समारोह के दौरान आयोजित किया गया था, यू दस्तावेज़ संस्थान की राष्ट्रीय पहल संवाद की व्यवस्था की गई थी।

प्रवक्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश भारत का पहला राज्य बन गया है जहां पर फेस ऑथेंटिकेशन आधारित राशन वितरण शुरू किया गया है। यह समाधान खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग (डीडीटीजी) डिजिटल टेक्नोलोजिज एंड अवेंशन विभाग और यू डॉक्युमेंट्री परामर्श परामर्श विभाग द्वारा विकसित किया गया है। यह तकनीक मंदाकिनी, सरल और उच्च गुणवत्ता वाली सफलता दर के साथ सुशासन को और अधिक मजबूत बनाती है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आसान हो गई है। वरिष्ठ नागरिकों, विशेष रूप से अक्षम और दुर्गम क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अब नागालैंड और ओपीटीपी जैसे पुराने विश्वविद्यालयों से आने वाली विद्यार्थियों का सामना नहीं करना पड़ा।
