उन्होंने बताया कि वर्तमान में कुल 37 परिवार (85 लोग) यहां दो अलग-अलग सरकारी भवनों में रह रहे हैं। इनमें से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला राहकोट में तीन बड़े कमरे हैं, जिनमें 20 से अधिक लोगों के ठहरने की क्षमता है। वर्तमान में 43 लोग इनमें से दो कमरों में रह रहे हैं, जबकि एक कमरा भंडार के लिए उपयोग में है। वहीं, वन रक्षक आवास में कुल तीन कमरे हैं, जहां लगभग 30 लोग ठहरे हुए हैं। इसके अलावा थुनाड़ी गांव के 10 बच्चे और 5 परिवार राहकोट के निजी घरों में रह रहे हैं, जिन्हें राहत शिविर के रसोईघर से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। थुनाड़ी गांव के 37 परिवारों को 5000 रुपये किराया सहायता, चार पूर्ण क्षतिग्रस्त मकानों को 1,30,000 रुपये की राहत राशि (रिलीफ मैनुअल 2012 के तहत आरएमएस से), तथा सभी आंशिक क्षतिग्रस्त मकानों को निर्धारित राहत प्रदान की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, क्षतिग्रस्त गौशालाओं में से 5 प्रभावितों को राहत दी जा चुकी है।शेष मामलों में राहत प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि थुनाड़ी गांव के पांच परिवारों, जिनके मकान पूरी तरह नष्ट हो गए, के लिए राहकोट राहत शिविर के समीप वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन यह भी सुनिश्चित करेगा कि प्रभावित परिवारों को विशेष राहत पैकेज का लाभ जल्द से जल्द प्राप्त हो। इस अवसर पर एसडीएम थुनाग रमेश ठाकुर सहित अन्य उपमण्डल स्तरीय अधिकारी भी उपायुक्त के साथ मौजूद रहे।
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