मशोबरा और टूटू की 17 पंचायते टीबी मुक्त घोषित होने पर किया सम्मानित-अनमोलराज कौंडल
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शिमला जिले के मशोबरा और टूटू स्वास्थ्य ब्लॉक की 17 ग्राम पंचायतों ने टीबी उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिला टीबी टीम की सत्यापन प्रक्रिया के बाद सीएचसी मशोबरा और टूटू में आयोजित एक सादे समारोह में इन पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित होने पर स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ पर्यवेक्षक अनमोलराज कौंडल ने बताया कि इन पंचायतों में टीबी मरीजों की पहचान, उपचार, दवा संवेदनशीलता परीक्षण और निक्षय पोषण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। अभियान की सफलता में आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों और पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होने बताया कि टूटू स्वास्थ्य ब्लॉक की 11 पंचायतों ने इस अभियान में सफलता हासिल की। जिसमें छलोग, जनोल, कोट और पाहल पंचायतों को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया, जबकि आनंदपुर पंचायत ने रजत पदक हासिल किया। बैंश, भलोह, घंडल, मयाली, ओखरू और शामलाघाट पंचायतों को कांस्य पदक से सम्मानित किया गया।
वहीं, मशोबरा ब्लॉक की छह पंचायतों ने भी टीबी उन्मूलन की दिशा में बेहतर प्रदर्शन किया। पटगेहर पंचायत को रजत पदक मिला, जबकि बालोग, घड़ कधेड़ी (भरंडी), मूलकोटी, पीरन और सतलाई पंचायतों ने कांस्य पदक हासिल किया।
अनमोलराज कौंडल ने इस उपलब्धि को टीबी मुक्त हिमाचल के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होने बताया कि पंचायत स्तर पर लगातार निगरानी, समय पर जांच, मरीजों का नियमित उपचार और सामुदायिक भागीदारी ही टीबी उन्मूलन की मुहिम को मजबूती प्रदान कर रही है।
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