संत गुरु रविदास जी का समरसता, समानता और मानवता का संदेश आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत : डॉ. राजीव बिंदल
माजरा (सिरमौर)। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश उत्सव के उपलक्ष्य में उनकी पावन जन्मस्थली काशी (वाराणसी) से लाई गई पवित्र मिट्टी से सुशोभित राष्ट्रीय कलश यात्रा का सोमवार को सिरमौर जिले के माजरा में श्रद्धा, आस्था और भक्ति के साथ भव्य स्वागत किया गया। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, जयघोष और गुरु वंदना के साथ कलश यात्रा का अभिनंदन किया।
डॉ. बिंदल ने कहा कि संत गुरु रविदास जी ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से यह संदेश दिया कि मानव मात्र एक समान है और समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता एवं समरसता में निहित है। आज जब समाज को एकजुट रखने और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की आवश्यकता है, तब उनके विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय कलश यात्रा देशभर में संत गुरु रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का एक ऐतिहासिक अभियान है।
कलश यात्रा के माजरा पहुंचने पर आसपास के गांवों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, युवा एवं वरिष्ठ नागरिक उपस्थित हुए। श्रद्धालुओं ने पवित्र कलश के दर्शन कर पुष्प अर्पित किए, माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा गुरु महाराज के जयघोषों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यात्रा के स्वागत के दौरान श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम के समापन पर संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज के श्रीचरणों में सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा समाज में समरसता, समानता, प्रेम और भाईचारे को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया। श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक अवसर को संत गुरु रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कलश यात्रा के प्रति अपनी गहरी आस्था और उत्साह व्यक्त किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, श्रद्धा और सामाजिक एकता का वातावरण बना रहा।