हिमवंती मीडिया/शिमला
हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति, टुटू इकाई का द्वितीय खण्ड सम्मेलन शोघी में आयोजित किया गया। सम्मेलन में ज्ञान विज्ञान समिति के दृष्टिकोण पर चर्चा करते हुए पिछले कार्यों की समीक्षा की गई और भविष्य की कार्यनीति तय की गई। सम्मेलन का शुभारंभ राज्य सचिव सत्यवान पुंडीर ने किया। उन्होंने समिति के उद्देश्यों और कार्यक्रमों पर चर्चा करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों में समिति ने स्वास्थ्य, युवाओं में बढ़ते नशे के संकट, शिक्षा, पर्यावरण, महिला समानता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से संबंधित अनेक गतिविधियां आयोजित की। उन्होंने कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य नशे के खिलाफ युवा बचाओ अभियान पर रहा है।उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन उस ऐतिहासिक स्थल शोघी में हो रहा है जहां से हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति ने 1 मार्च 1992 को मशोबरा खण्ड की 15 पंचायतों में जन सहयोग से साक्षरता अभियान शुरू किया था। बाद में इस मॉडल को राष्ट्रीय साक्षरता मिशन और हिमाचल सरकार ने भी मान्यता दी। इस अवसर पर 15 सदसीय नई खण्ड कार्यकारिणी का गठन भी किया गया, जिसमें हीरानन्द शांडिल को अध्यक्ष, देवकीनन्द शर्मा को उपाध्यक्ष, पूजा को सचिव, लीला शर्मा कोषध्यक्ष, संतोष को सह सचिव बनाया गया। इसके अलावा कमेटी में सत्या शर्मा, हेमावती, अभिषेक, रजनी, अंजू, मंजुशा, जीयानन्द शर्मा, मीना और मीरा को सदस्य चुना गया।
सम्मेलन में प्रदेश की पहली नवसाक्षर स्व. चन्दू देवी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उन्होंने प्रदेश में महिलाओं को शिक्षा के लिए प्रेरित किया और साक्षरता अभियान की ज्योति जलाई थी। इसके साथ ही स्व बाल कृष्ण शास्त्री, स्व मनसा राम शर्मा, स्व चंद्रा देवी के संगठन को बनाने के लिए योगदान को याद किया। समता उप समिति की राष्ट्रीय संयोजिका सुश्री सुमित्रा चन्देल ने पंचायत स्तर पर सदस्यता और कमेटियों के गठन पर बल दिया और संगठन की बुनियाद को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।हीरानन्द शांडिल ने समिति की दो वर्ष के कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि टुटू इकाई का गठन दो वर्ष पहले ही हुआ है। उसके बाद खण्ड इकाई ने खण्ड स्तर पर नशे के खिलाफ, कानूनी साक्षरता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रचार से सम्बन्धित गतिविधियां की।सम्मेलन में कुल 27 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
