हिमवंती मीडिया/पांवटा साहिब
पब्लिक पब्लिक स्कूल, माजरा में होली का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया गया। विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया जिसमें छठी कक्षा के छात्रों ने हिंदी एवं अंग्रेजी भाषण, कविताएं और सूर्य और चंद्र ग्रहण से संबंधित धार्मिक और वैज्ञानिक विद्वानों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की शुरुआत तीसरी कक्षा की, श्रुति की मधुर सरदार से हुई। उन्होंने होली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व हमें अपने व्यवहार में सकारात्मकता लाता है, कटुता को दूर करने और सभी के साथ मिलकर नई शुरुआत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने बताया कि जैसे रंग समूह सुंदर चित्र बनाते हैं, वैसे ही सहयोग और सहयोग से समाज सुंदर बनते हैं। इसके बाद छठी कक्षा की सिया ने भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा कही। उन्होंने बताया कि प्रह्लाद की अखंड आस्था और सत्य के मार्ग पर अडिग जीवन के कारण अंततः बुराई का नाश हुआ। सिया ने छात्रों को संदेश दिया कि जीवन में थोड़ी भी कठिनाइयाँ हैं, हमें सच्चाई और अच्छे आचरण का साथ नहीं देना चाहिए, क्योंकि अंत में विजय हमेशा अच्छी ही होती है।
कक्षा छठी की प्रियान्शी ने होलिका दहन का महत्व समझाते हुए कहा कि यह पर्व अपमान, अन्याय और नकारात्मक विचारों को त्यागने का प्रतीक है। अनन्या ने होली के रंग पर सुंदर कविता पाठ किया, जिससे वातावरण उल्लासमय हो उठा। इसी क्रम में छठी कक्षा की सना ने 3 मार्च को ग्रहण वाले चंद्र ग्रहण के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह चंद्र ग्रहण दोपहर करीब 3:20 बजे से शाम करीब 6:47 बजे तक प्रदर्शित होगा और भारत में इसका प्रभाव चंद्र उदय के समय करीब 6:30 बजे के करीब दिखाई देगा। उन्होंने यह भी बताया कि सूतक काल ग्रहण लगभग 9 घंटे पूर्व, प्रातः लगभग 6:20 बजे से आरंभ माना गया है।
सना ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कहा कि जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच होती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। वहीं सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच होता है। धार्मिक सिद्धांतों के अनुसार ग्रहण काल में संयम और सावधानी सनातन की परंपरा है, जबकि वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक सामान्य खगोलीय घटना है। हिमांशी ने अंग्रेजी भाषा में होली पर भव्य भाषण पेश करते हुए इस महोत्सव में सामाजिक एकता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बताया। प्री-नर्सरी कक्षा से दूसरी तक के छात्रों ने फूलों से होली खेलकर उत्सव का आनंद लिया। स्कूल परिसर रंग-बिरंगे पुष्पों से अपार्टमेन्ट दिखाई दिया। विद्यालय की वैद्या आशु शर्मा एवं उपप्रधानाचार्या रीता शर्मा ने सभी को होली की शुभकामनाएं दीं। गुजिया, पाव भाजी और मत्था फुल्की द्वारा स्कूल की निर्देशक पूनम गोयल की व्यवस्था की गई। सभी ने मिलकर इन कहानियों का आनंद लिया। इन क्लासिकल में उनका प्यार हम सभी को नजर आ रहा था। स्टार्टअप के निदेशक अजय शर्मा ने पूरे कार्यक्रम की देखरेख करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में छात्रों को सांस्कृतिक पत्रिका, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना पर विचार करना चाहिए। फूलों के साथ मनाई गई यह होली उत्सव छात्रों के लिए आनंद, ज्ञान और सकारात्मक संदेश का सुंदर संगम सिद्ध हुआ।
