हिमवंती मीडिया/शिमला

मशोबरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत चमियाणा से विभाजित होकर बनाई गई नई ग्राम पंचायत टीपरा पर माननीय हाईकोर्ट के डबल बैंच ने रोक लगा दी गई है। चमियाणा पंचायत के निवासी एवं जिला शिमला भाजपा के पूर्व अध्यक्ष प्रेम ठाकुर सहित पंचायत के अनेक लोगों ने माननीय हाईकोर्ट के इस निर्णय का स्वागत किया है। प्रेम ठाकुर ने बताया कि लोगों के विरोध के बावजूद भी प्रदेश सरकार द्वारा चमियाणा ग्राम पंचायत का विभाजन करके नई पंचायत टीपरा का गठन किया गया था जिसमें अनेक गांव के लोगों को मुख्यालय पहूंचने के लिए करीब 15 किलोमीटर सफर तय करना पडना था । इन्होने बताया कि पंचायत की जनता ने प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री अनिरूद्ध सिंह और डीसी शिमला से भी कई बार भेंट की परंतु उनकी किसी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई जिसके चलते उन्हें न्याय के लिए माननीय हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। प्रेम ठाकुर ने हैरानी जताते हुए कहा कि काबीना मंत्री ने जिला पंचायत अधिकारी को डीओ नोट लिखकर चमियाणा पंचायत का विभाजन करके नई पंचायत टीपरा के गठन करने के जनभावनाओं के खिलाफ आदेश दिए गए थे। उन्होने कहा कि हाईकोर्ट के इस ऐतिहासिक निर्णय से चमियाणा पंचायत के लोगों ने राहत की सांस ली है।

प्रेम ठाकुर ने पंचायतीराज विभाग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पंचायतीराज रोस्टर भी नियम के मुताबिक नहीं बल्कि राजनैतिक दबाव के चलते तैयार किया जाता है जिसमें समाज के कई वर्गोें की अनेदेखी की जाती रही है । उन्होने मशोबरा ब्लॉक की पीरन पंचायत का उदाहरण देते हुए कहा कि बीते 50 वर्षों में इस पंचायत में अनुसूचित जाति के पुरूष वर्ग के लिए प्रधान पद आरक्षित नहीं हुआ है अर्थात इस प्रकार की रोस्टर में धांधली प्रदेश की अनेक पंचायतों में हुई होगी । उन्होने रोस्टर को पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ तैयार करने का भी सरकार से आग्रह किया गया है। उन्होने कहा कि नए रोस्टर फार्मूले में डीसी को पांच प्रतिशत अपने स्तर पर 5 प्रतिशत बदलाव करने की शक्तियां देना उचित नहीं है जिससे राजनैतिक दबाव और बढ़ेगा तथा राजनीतिज्ञ अपनी मनमर्जी का पंचातयों का रोस्टर डीसी से तैयार करवाएंगें।