हिमवंती मीडिया/शिमला

त्रिस्तरीय पंचायतीराज चुनाव का बिगुंल बजते ही ग्रामीण क्षेत्रों में सरगर्मियां तेज हो गई है। दुकानों, होटल ढाबों इत्यादि स्थानों पर लोगों ने पंचायत चुनाव बारे चर्चाएं करनी शुरू हो गई है । इसी कड़ी में जुन्गा तहसील के पीरन में कुछ लोगों द्वारा चुनावी चर्चा की जा रही थी जिनमें पूर्व प्रधान दयाराम वर्मा, सेवानिवृत सैनिक केडी शर्मा, जबर सिंह ठाकुर , कमल वर्मा, बाबूराम पूर्व उप प्रधान, रमेश कुमार, सत्यम वर्मा सहित अन्य लोग शामिल थे। दयाराम वर्मा व जबर सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधान व अन्य पदो के लिए ऐसा प्रत्याशी की तलाश करनी होगी जो शिक्षित , समाज सेवा और अपने क्षेत्र के विकास करने का जज्बा हो।

बुद्धिजीवी वर्ग का कहना है कि पंचायत चुनाव भ्रष्टाचार मुक्त होने चाहिए और प्रलोभन में दी जाने वाली शराब व अन्य वस्तुओं पर खुफिया नजर सरकार को रखनी होगी तभी निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद की जा सकती है। इनका कहना है कि कई बार पंचायतों में ऐसे लोग चुनाव जीत है जोकि पूरे पांच वर्ष तक मूकदर्शक बनकर रह जाते हैं जिससे विकास कार्य प्रभावित हो जाते हैं। लोगों का यह भी कहना है कि विशेषकर पंचायत प्रधान के लिए कम से कम जमा दो पास होना जरूरी है अन्यथा अधिकांश प्रधान कम पढ़े लिखे होने के कारण पंचायत सचिव की कठपुतली बनकर रह जाते हैं।