हिमवंती मीडिया/शिमला

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जुन्गा के सौजन्य से बलोग पंचायत के नोंहा डुब्लु और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जनेडघाट में ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी )के बारे जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। जिसमें विशेषकर 14 व 15 वर्ष की आयु वर्ग की किशोरियों को एचपीवी के टीके लगाने बारे जानकारी दी गई। सिविल अस्पताल जुन्गा के चिकित्सा प्रभारी डॉ0 मनोज वर्मा ने बताया कि गर्भाशय ग्रीवा अर्थात सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में दूसरा आम कैंसर है जिससे भारत वर्ष में हर वर्ष करीब 80 हजार महिलाएं सर्वाइकल कैंसर का शिकार हो जाती है। यह कैंसर ह्यूमन पेपिलोमा वायरस के कारण महिलाओं की बच्चादानी के मुंहाने पर होता है। इस गंभीर बिमारी से बचने केे लिए भारत सरकार द्वारा एचपीवी टीकाकरण अभियान पूरे देश में 28 फरवरी को आरंभ किया गया है जोकि आगामी 24 मई तक चलेगा। इस अभियान के अतंर्गत 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु वर्ग की बालिकाओं को एचपीवी का टीका लगाया जा रहा है। उन्होने बताया कि आगामी 11 व 12 अप्रैल को सिविल अस्पताल जुन्गा में एचपीवी के टीके लगाए जाएंगे।

शिविरों में डॉ0 सोनिका स्त्री रोग विशेषज्ञ जुन्गा ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वह अपनी 14 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाली बेटियों को एचपीवी का टीका अवश्य लगाए ताकि बालिकाओं का सर्वाइकल कैंसर से बचाव हो सके। उन्होने बताया कि एचपीवी वैक्सिन बारे कुछ लोगों द्वारा भ्रामक किया जा रहा है जोकि पूर्णतया सरासर गलत है। एचपीवी का टीका पूर्णतया सुरक्षित हैं इसके कोई भी दुष्प्रभाव नहीं है। सरकार द्वारा यह टीका निःशुल्क लगाया जा रहा है जबकि प्राईवेट क्लिनिकों में इस टीका की कीमत करीब दस हजार है। डॉ0 प्रियंका ने बताया कि टीकाकरण संबधी सभी डाटा यू-विन डिजिटल पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा जिसके लिए बेटी के 14 वर्ष की आयु पूर्ण होने का प्रमाण पत्र लाना आवश्यक है। उन्होने बताया कि यह टीकाकरण पूर्णतया स्वैच्छिक है परंतु अभिभावकों की सहमति होना अनिवार्य है। शिविर में सीएचओ कुमारी, एनडीके काउंसलर प्रवीण कुमार ने भी एचपीवी टीकाकरण बारे जानकारी दी।