हिमवंती मीडिया/शिमला

राजधानी से सटे जुन्गा में जिला स्तरीय दशहरा मेला को लंका दहन के साथ आरंभ हुआ। परंपरा के अनुसार तत्कालीन क्योंथल रियासत के शासक खुश विक्रम सेन की अगुवाई में राजमहल से रघुनाथ की पालकी वाद्य यंत्रों के साथ शोभा यात्रा निकाली गई जिसमें क्षेत्र के सैंकड़ों लोगों ने भाग लिया। राजा खुश विक्रम सेन ने पूजा करने के उपरांत रावण, कुभ कर्ण और मेघनाद के पुतलों के अग्नि देकर लंका दहन किया गया। इस दृष्य का सैंकड़ों की तादाद में लोगों ने आन्नद लिया। लोगों में यह भी मान्यता प्रचलित है कि लंका दहन का दृष्य देखने शनि ग्रह का प्रकोप नहीं होता है। इससे पहले मेला अधिकारी एवं तहसीलदार जुन्गा ने राजा खुश विक्रम सेन को मेले का स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया गया।

उन्होने बताया कि जिला स्तरीय मेले को आकर्षक बनाने के लिए प्रयास किए गए है। इस तीन दिवसीय मेले में बच्चों और स्थानीय कलाकारों के अतिरिक्त स्टार नाईट का आयोजन किया जा रहा है। स्टार नाईट में प्रदेश के प्रसिद्ध कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। 3 व 4 अक्तूबर को कबडडी राज्य स्तर की कबडडी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है जिसमें विजेता टीम को 31 हजार और उप विजेता टीम को 21 हजार का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। मेले के अंतिम दिन विशाल दंगल को आयोजन होगा जिसमें बड़ी माली जीतने वाले पहलवान को 51 हजार का ईनाम दिया जाएगा।इस मौके पर नायब तहसीलदार राजेन्द्र ठाकुर, राजमाता विजय ज्योति सेन, क्योंथल सांस्कृतिक मंच के महासचिव पंकज सेन, कानूनगो अरविंद कुमार, पटवारी शुभम शर्मा, स्थानीय पंचायत प्रधान बंसी लाल कश्यप सहित मेला समिति के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।