हिमवंती मीडिया/शिमला

राजकीय संस्कृत महाविद्यालय तुंगेश में शिक्षक-अभिभावक संघ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में महाविद्यालय की शैक्षणिक, पाठ्यक्रम गतिविधियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। बैठक के दौरान पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें जय प्रकाश शर्मा को अध्यक्ष, बिहारी लाल शर्मा को उपाध्यक्ष, राजेश शर्मा को कोषाध्यक्ष तथा इन्दिरा शर्मा, नितेश शर्मा और अमर चन्द को सदस्य नियुक्त किया गया। महाविद्यालय की ओर से पुस्तकालयाध्यक्ष श्री संजीव जी शिक्षक-अभिभावक संघ के सचिव का कार्यभार संभालेंगे। बैठक में विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन, सर्वांगीण विकास तथा महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में अभिभावकों की सहभागिता को लेकर सार्थक विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी एवं अभिभावकों ने महाविद्यालय के विकास और उन्नयन के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। महाविद्यालय के प्राचार्य ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, संस्कार, जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी तीनों को मिलकर समन्वित प्रयास करने होंगे। प्राचार्य ने शिक्षक-अभिभावक संघ को महाविद्यालय और अभिभावकों के बीच महत्वपूर्ण सेतु बताते हुए कहा कि अभिभावकों के सुझाव और सहयोग से विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जा सकता है। उन्होंने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शुभकामनाएँ देते हुए महाविद्यालय के विकास में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। बैठक का वातावरण सकारात्मक एवं रचनात्मक रहा। अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य तथा महाविद्यालय की प्रगति के लिए आपसी सहयोग और समन्वय के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।