हिमवंती मीडिया/देहरादून
प्रसिद्ध शिक्षाविद, ट्रेनर एवं हीलिंग विशेषज्ञ डॉ. हरलीन कौर ने TEDx GADVASU कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता भाग लेते हुए अपने प्रेरणादायक विचारों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह स्वतंत्र रूप से आयोजित TEDx कार्यक्रम गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (GADVASU), पंजाब से संबद्ध था, जिसका आयोजन नई दिल्ली के द्वारका स्थित रेडिसन ब्लू होटल में किया गया। इस अवसर पर डॉ. हरलीन कौर ने “The Stories We Carry Become the Lives We Live” विषय पर अपना विचारोत्तेजक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि व्यक्ति अपने बारे में जो कहानियां और धारणाएं मन में बार-बार दोहराता है, वही उसकी भावनाओं, निर्णयों, पहचान, रिश्तों और अंततः उसके जीवन की दिशा तय करती हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक परिवर्तन बाहर नहीं, बल्कि भीतर से शुरू होता है। यदि व्यक्ति अपनी सीमित सोच और नकारात्मक मान्यताओं को बदलकर सकारात्मक जीवन-दृष्टि अपनाए, तो वह अपने जीवन में नई संभावनाओं, विकास और सफलता के द्वार खोल सकता है।
डॉ. हरलीन कौर ने अपने 23 वर्षों के अनुभव के आधार पर अवचेतन मन, हीलिंग साइंस और मानव क्षमता विकास के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रोताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन का सजग निर्माता बन सकता है, बशर्ते वह अपनी आंतरिक कहानी को पहचानकर उसे सकारात्मक दिशा दे। डॉ. हरलीन कौर ने वर्ष 2003 में देहरादून में हीलिंग ऊर्जा इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्मिक साइंसेज की स्थापना की थी। पिछले दो दशकों में उन्हें वैकल्पिक चिकित्सा, हीलिंग शिक्षा, आध्यात्मिक विकास और जनजागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए देशभर की विभिन्न विश्वविद्यालयों, संस्थाओं और सामाजिक संगठनों द्वारा सैकड़ों सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। वर्तमान में उनका कार्यक्षेत्र देहरादून, पांवटा साहिब और दिल्ली तक विस्तृत है, जहां वे विद्यार्थियों और लोगों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं। इसके अलावा वे विभिन्न टीवी चैनलों और मीडिया मंचों पर भी ज्योतिष, आध्यात्मिक जागरूकता और जनहित से जुड़े विषयों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। TEDx मंच पर उनका यह संबोधन उनके प्रेरणादायक सफर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। उम्मीद है कि TEDx के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से यह व्याख्यान दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचेगा और विभिन्न देशों एवं समुदायों के लोगों को आत्म-जागरूकता, आंतरिक उपचार और सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करेगा। कार्यक्रम के बाद डॉ. हरलीन कौर ने आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “हम अपने भीतर जो कहानियां लेकर चलते हैं, वही हमारे जीवन का अनुभव बन जाती हैं। जब हम अपनी कहानी बदलते हैं, तभी हम अपना भविष्य बदलना शुरू करते हैं।
