पंचायतों की आवाज बने रणबीर सिंह, डीसी के समक्ष उठाए विकास से जुड़े अहम मुद्दे
चरणजीत सिंह चौधरी सहित प्रधान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने पंचायतों की समस्याओं को लेकर की विस्तृत चर्चा, स्टाफ की कमी और पंचायत फंड जल शक्ति विभाग को देने का जताया विरोध पांवटा साहिब। पांवटा साहिब ब्लॉक की पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने और पंचायत प्रतिनिधियों को पेश आ रही विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर प्रधान संघ पांवटा साहिब ने प्रशासन के समक्ष मजबूती से अपनी आवाज उठाई। प्रधान संघ के अध्यक्ष रणबीर सिंह के नेतृत्व में पंचायत प्रधानों का एक प्रतिनिधिमंडल डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा से मिला और पंचायतों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों, वीबीजी रामजी योजना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं, विभागीय समन्वय तथा पंचायत प्रतिनिधियों को कार्य करने के दौरान पेश आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को जिलाधीश के समक्ष रखा। इस दौरान चरणजीत सिंह चौधरी ने भी पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं को प्रमुखता से प्रशासन के समक्ष रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की पहली और सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। पंचायत प्रतिनिधि सीधे जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं और जरूरतों को समझते हैं, इसलिए पंचायत स्तर पर आने वाली समस्याओं का समयबद्ध समाधान बेहद जरूरी है। प्रधानों ने पंचायतों में स्टाफ की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि कई पंचायतों में पंचायत सचिव और वीआरएस को एक से अधिक पंचायतों का जिम्मा सौंपा गया है, जिसके कारण वे पूरे सप्ताह एक ही पंचायत में उपलब्ध नहीं रह पाते। इससे पंचायतों के जरूरी कार्यों और ग्रामीणों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। प्रधानों ने मांग की कि पंचायतों में पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था की जाए, ताकि आम जनता को अपने छोटे-बड़े कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े और विकास कार्य भी समय पर पूरे हो सकें। प्रधान संघ ने पंचायतों के फंड को जल शक्ति विभाग को दिए जाने के निर्णय का भी कड़ा विरोध जताया। पंचायत प्रतिनिधियों ने इसके संबंध में कई तर्क जिलाधीश के समक्ष रखे और अपनी आपत्तियों से अवगत करवाते हुए ज्ञापन भी सौंपा। प्रधानों का कहना था कि पंचायतों के पास उपलब्ध संसाधनों का उपयोग स्थानीय जरूरतों और ग्रामीण विकास कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। प्रधान संघ के अध्यक्ष रणबीर सिंह ने कहा कि संघ किसी राजनीतिक दबाव या टकराव की राजनीति में विश्वास नहीं रखता। उनका उद्देश्य पंचायतों के विकास और ग्रामीण जनता के हित में प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करना है। उन्होंने कहा कि यदि पंचायतों को समय पर आवश्यक सहयोग, मार्गदर्शन और सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं तो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और तेज गति दी जा सकती है। उन्होंने प्रशासन से पंचायतों से संबंधित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने तथा वीबीजी रामजी योजना सहित अन्य विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में पंचायत प्रतिनिधियों को आवश्यक सहयोग देने की मांग की। डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई एवं समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास को मजबूत करने में पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण है और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर चरणजीत सिंह चौधरी, प्रधान सुंदर सिंह, सुरेखा चौधरी, अलका देवी, पवन पटियाल, तेजिंदर सिंह सहोता, निन्द्रो देवी, बाला देवी, शिक्षा रानी, तनुज चौधरी, रजनीश चौधरी, रीता देवी, कविता ठाकुर, प्रीतिका सैणी, मो. रफीक सहित अन्य पंचायत प्रधान मौजूद रहे। रणबीर सिंह ने कहा कि प्रधान संघ पंचायतों और ग्रामीण जनता की आवाज को हर उचित मंच पर मजबूती से उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि पंचायतों के विकास और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए संघ भविष्य में भी प्रशासन के साथ सकारात्मक समन्वय बनाकर कार्य करेगा।
