हिमवंती मीडिया/शिमला

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आईआईटी दिल्ली के शैक्षणिक भ्रमण पर गए हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थियों से ऑनलाइन संवाद कर उनके अनुभवों की जानकारी प्राप्त की तथा उनका उत्साहवर्धन किया। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी, वीएलएसआई (वेरी लार्ज-स्केल इंटीग्रेशन) चिप डिजाइन, निर्माण प्रक्रिया तथा अन्य उभरती तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान एवं प्रत्यक्ष अनुभव उपलब्ध करवाना है। राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों से भ्रमण के अनुभव, अर्जित ज्ञान तथा आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों के साथ हुई उनकी सहभागिता के बारे में विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने विद्यार्थियों से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने, अत्याधुनिक तकनीकों को समझने, नवाचार एवं अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करने तथा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार संभावनाओं को समझने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को देश के अग्रणी संस्थानों और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों से परिचित करवाना समय की आवश्यकता है, ताकि वह बदलते तकनीकी परिवेश के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु एवं नवाचारी दृष्टिकोण अपनाने तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया।तकनीकी शिक्षा मंत्री ने पुनः अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य में भी विद्यार्थियों को उद्योगोन्मुख शिक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों का व्यावहारिक अनुभव तथा देश के अग्रणी शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ संवाद के अवसर उपलब्ध करवाए जाते रहेंगे, जिससे उनकी रोजगार क्षमता सुदृढ़ होगी और वह भविष्य की तकनीकी चुनौतियों एवं अवसरों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे।