हिमवंती मीडिया/शिमला
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि प्रतिष्ठित सेवाओं में चयनित होने का लक्ष्य निर्धारित करना सराहनीय है, लेकिन सफलता केवल एक करियर की उपलब्धि तक सीमित नहीं है। उन्होंने युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और वैज्ञानिक अनुसंधान, विशेषकर औषधीय पौधों एवं प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में उपलब्ध विविध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया क्योंकि हिमाचल प्रदेश में इन क्षेत्रों में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
राज्यपाल हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला में एक प्रमुख हिंदी दैनिक समाचार समूह द्वारा आयोजित ‘शिमला के मेधावी’ कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने शिमला जिले के 35 से अधिक विद्यालयों के लगभग 600 मेधावियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। गुप्ता ने कहा कि न्यूज़ीलैंड ने वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप मनुका पौधे का बाजार विकसित किया है, दक्षिण कोरिया ने जिनसेंग को एक महत्वपूर्ण आर्थिक संसाधन में परिवर्तित किया है, जबकि लैवेंडर की खेती से जम्मू-कश्मीर के लोगों के जीवन में उल्लेखनीय सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन आया है। विद्यापीठ संस्थान के निदेशक रमेश शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया। निदेशक रविन्द्र अवस्थी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, अभिभावक, शिक्षक, विश्वविद्यालय के प्राध्यापक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
