हिमवंती मीडिया/चम्बा
अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा की अध्यक्षता में मुख्यालय चम्बा में जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में तंबाकू नियंत्रण संबंधी गतिविधियों, कोटपा अधिनियम-2003 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा तंबाकू मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने विषय को गंभीरता से लेते हुए तंबाकू उत्पादों के वितरण एवं बिक्री से संबंधित नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन, विक्रेताओं के पंजीकरण तथा लाइसेंस प्रणाली पर निर्धारित दिशा निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने व अधिकारियों को नियमित निरीक्षण एवं प्रवर्तन गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने व्यापार मंडल से 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने तथा पुलिस विभाग से शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू बिक्री पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। अमित मैहरा ने एचआरटीसी से आए अधिकारियों से बस अड्डों को तंबाकू मुक्त क्षेत्र बनाए रखने तथा वहां तंबाकू उत्पादों के सेवन एवं बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि प्रचलित नियमों के अनुसार निरीक्षण के दौरान यदि किसी बस अड्डे परिसर में बीड़ी अथवा सिगरेट के बडस पाए जाते हैं, तो अड्डा प्रभारी पर पाए गए प्रत्येक बड के लिए 200 रुपये की दर से जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में खुले तंबाकू उत्पादों, जैसे खैनी, गुटखा आदि की बिक्री एवं वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध है। यदि कोई दुकानदार इन प्रतिबंधित उत्पादों का विक्रय करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला चम्बा में 55 गांव तम्बाकू मुक्त हैं व उन्होंने बताया कि जिला चम्बा के 55 गांव तंबाकू मुक्त हैं तथा इस संख्या को बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी विभागों से समन्वित प्रयासों के माध्यम से तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान किया तथा कहा कि जनभागीदारी और सख्त प्रवर्तन से ही तंबाकू मुक्त समाज के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
