हिमवंती मीडिया/शिमला
जुन्गा रियासत के करीब दो सौ वर्ष पुराने राजमहल में आग लगने से इसका एक हिस्सा पूर्ण रूप से अग्नि की भेंट चढ़ गया। बता दें कि पुराना जुन्गा में प्राचीन राजमहल तत्कालीन क्योंथल रियासत की करीब दो सदी पुरानी एक ऐतिहासिक धरोहर है। हालांकि इस रियासतकालीन महल में बीते एक सदी से कोई नहीं रहता था। स्थानीय लोग भारी संख्या में आग बुझाने के लिए एकत्रित हो गए। सूचना मिलने ही तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा पुलिस, होमगार्ड की टीमों के साथ तुरंत मौके पर पहूंच गए। आग लगने के करीब एक घंटे उपरांत शिमला से फायर ब्रिगेड गाडियां घटनास्थल पर पहूंच गई और युद्धस्तर पर आग बुझाने का कार्य आरंभ कर दिया गया। तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही शिमला से फायर ब्रिगेड को बुला दिया गया था तथा पुलिस व होमगार्ड की मदद से आग बाहरी हिस्से से आग पर काबू पा लिया गया है तथा राजमहल के भीतर आग बुझाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
उन्होने बताया कि अभी तक आग लगने के कारण बारे कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिल पाए हैं। एक बार आग पूर्ण रूप से बुझ जाए तदोपरांत इस बारे पुलिस को गहनता से जांच करने बारे कहा जाएगा। राजपरिवार के एक सदस्य पंकज सेन ने बताया कि यह क्योंथल रियासत की एक ऐतिहासिक धरोहर थी जोकि निकट भविष्य में पर्यटकों के दशनार्थ एक धरोहर स्थल बन सकती थी पंरतु आग लगने से इसका अस्तित्व मिट गया है। उन्होने बताया कि इस राजमहल में देवता जुन्गा के 22 टीका का मंदिर (पौल) थी और इसी हिस्से में आग लगी है। इनका कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है इस भीष्ण आग में 22 टीका देवता जुन्गा का मंदिर भी क्षतिग्रस्त हो गया होगा। उन्होने बताया कि करीब एक सदी पहले क्योंथल रियासत का राजमहल नए जुन्गा में शिफ्ट हो गया है जहां पर एक सदी से क्यांेंथल रियासत के शासक निवास करते हैं।
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