हिमवंती मीडिया/चंबा

सूचना एवं राजभाषा विभाग से संबद्ध दल ने न्यूकॉक नाटक एवं गीत संगीत के माध्यम से हटली, सिहुंता एवं मंगला में नाट्य शास्त्र की आपदाओं से संबंधित सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपाय के बारे में लोगों से विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान नाट्य दल के कलाकारों ने भूकंप से दूर और बाहर रहने वाली जीवन रक्षा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि भूकंप के झटके शांत रहते हैं और हदबंदी में महसूस होते हैं, अगर आप शामिल हैं तो नाट्य दल के कलाकारों से दूर और बाहर रहें तो दोस्ती, वृक्षों, टेलीफोन और बिजली के खंभों और मंडलों से दूरियां बनी रहती हैं। इस दौरान कलाकारों ने भूकंप के दौरान और भूकंप के बाद ध्यान केंद्रित करते हुए बाली के बारे में अलग-अलग बातें बताईं।

उन्होंने अग्निकांड से बचाव की जानकारी देते हुए बताया कि आग में भीषण रूप ले लेने से छोटे-छोटे बच्चों और जोड़ों की जान-माल की बहुत हानि होती है। उन्होंने आग से स्वयं की रक्षा, कृषि विज्ञान पर रोक लगाने और उन्हें सावधान और सुरक्षित रहने के बारे में बताया। कलाकारों ने लोगों से अपेक्षा की कि वे भूगर्भीय हलचलों और अतिवृष्टि के ढलानों पर भारी से भारी मात्रा में मिट्टी और मिट्टी के ढलानों से ही भूसंकलन करें जिससे जन-जन के विकास में मौलिक उद्यम का व्यापक स्तर पर नुकसान होता है। उन्होंने उपकरणों से बचने और जान माल को नुकसान से बचने के लिए हमेशा तैयार रहने और सलाह के लिए रहने का संदेश दिया और उपकरणों के दौरान और उपकरणों के बाद ध्यान में रखने वाली के बारे में भी अलग-अलग जानकारी दी। नाट्यशास्त्र ने बताया कि आपातकालीन स्थिति के लिए टोल फ्री नंबर-1077 पर संपर्क किया जा सकता है।