राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शिमला जिला की मल्याणा पंचायत के अंतर्गत शुराला गांव में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने जनहितकारी एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े पौधरोपण कार्यक्रम के आयोजन के लिए राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी एवं वन विभाग के अधिकारियों तथा स्थानीय ग्रामवासियों को बधाई देते हुए कहा कि पौधरोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ जैसे जन-अभियान ने देशभर में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रेरणादायी कार्य किया है। अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाना केवल भावनात्मक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि धरती मां के प्रति हमारी कृतज्ञता का भी प्रतीक है।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का मिशन बनाएं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का सपना तभी साकार होगा जब हमारा पर्यावरण सुरक्षित, स्वच्छ और संतुलित होगा। उन्होंने कहा कि इस आधुनिक युग में लोग शहरीकरण की ओर भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में उनके अब तक के पांच महीने के कार्यकाल के दौरान उन्हें आज पहली बार ग्रामीण क्षेत्र में आने का मौका मिला। ग्रामीण क्षेत्र की हरियाली और लोगों का रहन-सहन दिल को मोह लेता है।
इस अवसर पर उन्होंने जनहितकारी एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े पौधरोपण कार्यक्रम के आयोजन के लिए राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी एवं वन विभाग के अधिकारियों तथा स्थानीय ग्रामवासियों को बधाई देते हुए कहा कि पौधरोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ जैसे जन-अभियान ने देशभर में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रेरणादायी कार्य किया है। अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाना केवल भावनात्मक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि धरती मां के प्रति हमारी कृतज्ञता का भी प्रतीक है।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का मिशन बनाएं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का सपना तभी साकार होगा जब हमारा पर्यावरण सुरक्षित, स्वच्छ और संतुलित होगा। उन्होंने कहा कि इस आधुनिक युग में लोग शहरीकरण की ओर भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में उनके अब तक के पांच महीने के कार्यकाल के दौरान उन्हें आज पहली बार ग्रामीण क्षेत्र में आने का मौका मिला। ग्रामीण क्षेत्र की हरियाली और लोगों का रहन-सहन दिल को मोह लेता है।
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