जुन्गा तहसील की अनेक पंचायतों के लोग इन दिनों मटमैला पेयजल पीने को मजबूर हैं। जल शक्ति विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान न होने से लोगों में रोष व्याप्त है। इस गंभीर विषय को लेकर सहायक आयुक्त राजस्व एवं तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा ने एसडीएम (ग्रामीण) शिमला को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है।
कार्तिकेय शर्मा ने जल शक्ति विभाग को भी निर्देश दिए हैं कि पेयजल स्रोतों और फिल्टर संयंत्रों की तत्काल जांच की जाए तथा लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न पंचायतों से लगातार मटमैले पानी की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है।
उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि शिमला सहित कई शहरों में मटमैले पानी को शुद्ध करने के लिए आधुनिक फिल्ट्रेशन संयंत्र स्थापित किए गए हैं। इसी प्रकार की व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं में भी की जानी चाहिए, ताकि बरसात के दौरान लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
उधर, जल शक्ति मंडल कसुम्पटी के अधिशासी अभियंता विनोद शर्मा ने बताया कि सहायक अभियंता, जल शक्ति उपमंडल कोटी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यदि किसी योजना का पानी मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं पाया जाता है तो संबंधित पंपिंग को तुरंत बंद किया जाए तथा योजनाओं की मरम्मत और सुधार के लिए आवश्यक कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जाएं।