राज्यपाल ने ‘शिक्षा महाकुंभ 2026’ ब्रोशर का किया विमोचन

हिमवंती मीडिया/शिमला 

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने लोक भवन में विद्या भारती प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के समग्र शिक्षा विभाग द्वारा प्रकाशित ‘शिक्षा महाकुंभ 2026’ ब्रोशर का विमोचन किया। शिक्षा महाकुंभ के छठे संस्करण 2026 का आयोजन 9 और 10 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर में किया जाएगा। एनआईटी हमीरपुर और समग्र शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम को चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के केंद्रीय और राज्य सरकारों द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा को नई दिशा देने में, शिक्षा महाकुंभ जैसे आयोजन महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्या भारती के समग्र शिक्षा विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन भारतीय मूल्यों के अनुरूप उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य केवल शिक्षा से डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि इसे व्यक्तित्व विकास, राष्ट्र निर्माण और समग्र विकास की आधारशिला बनाना है। गुप्ता ने कहा कि अनुसंधान, नवाचार और भारतीय ज्ञान परंपराओं को आधुनिक संदर्भों में एकीकृत करना शिक्षा महाकुंभ की मूल विचारधारा है। इस आयोजन के पांच सफल संस्करण देश के विभिन्न राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में आयोजित किए जा चुके हैं, जिन्होंने भारत के शैक्षणिक पुनरुत्थान की नींव को मजबूत किया है।

इसके सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा महाकुंभ 6.0 राष्ट्रीय मूल्यों और वैश्विक आकांक्षाओं के अनुरूप शिक्षा को पुनर्परिभाषित करने वाला मार्गदर्शक मंच बनेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह सम्मेलन केवल विचारों का संगम ही नहीं, बल्कि शिक्षा को भारत की आत्मा से जोड़ने वाला एक परिवर्तनकारी प्रयास भी सिद्ध होगा। उन्होंने सभी हितधारकों से शिक्षा को केवल ज्ञान प्राप्ति नहीं, बल्कि जीवन के उत्सव के रूप में देखने का आह्वान किया, जो प्रकृति, समाज और राष्ट्र के साथ सामंजस्य में आगे बढ़े। इससे पहले, विद्या भारती के संगठन सचिव विजय कुमार नड्डा और एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. मुरलीधर सूर्यवंशी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। शिक्षा महाकुंभ अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. शमशेर सिंह ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वरिष्ठ वैज्ञानिक सुदेश ठाकुर ने इस पहल के बारे में जानकारी दी। डॉ. जितेंद्र गर्ग ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति भी उपस्थित रहे।

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