हिमवंती मीडिया/शिमला
राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप खरा उतरने पर राजकीय महाविद्यालय चायल कोटी को शैक्षणिक सत्र 2023-24 में उच्च शिक्षा में गुणवत्ता वृद्धि के लिए प्रदेश तीसरा स्थान हासिल हुआ है। इस रैंकिंग में प्रदेश के कुल 141 महाविद्यालयों ने भाग लिया था। जिसमें कुल तीन श्रेणियाँ तय की गई थी। राजकीय महाविद्यालय चायल – कोटी ने इस रैंकिंग में तृतीय श्रेणी के अंतर्गत तीसरा स्थान प्राप्त किया और कुल में 45 वाँ स्थान हासिल किया। गौर रहे कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा शैक्षणिक सत्र 2023-24 से प्रदेश में उच्च शिक्षा में गुणवत्ता वृद्धि के लिए स्व- मूल्याकंन रिपोर्ट (एसएआर ) के तहत महाविद्यालयों के मूल्यांकन के राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद द्वारा अनेक मानदंड निर्धारित किए गए हैं। इसके आधार पर पूरे प्रदेश में सभी राजकीय महाविद्यालय प्रतिवर्ष स्व-मूल्याकंन रिपोर्ट (एसएआर ) के तहत निर्धारित मानदंडों को पूरा करने में प्रयत्नरत रहते हैं।
इसके अंतर्गत सात मानदंड मुख्य रूप से निर्धारित किए गए हैं, जिसमें संस्थान में उपलब्ध सुविधाएँ, शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों के वार्षिक परिणाम, अध्ययन – अध्यापन का स्तर, शैक्षिक के अतिरिक्त अन्य गतिविधियाँ, खेल एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में विद्यार्थियों की भागीदारी आदि शिक्षा में गुणवत्ता वर्धक मानदंड प्रमुख है। हिमाचल प्रदेश सरकार एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2023-24 में संपन्न महाविद्यालयों की इस रैंकिंग में उच्च स्थान प्राप्त करने वाले महाविद्यालयों को बीते दिनों मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। शिमला से दूरस्थ क्षेत्र गाँव कोटी में स्थित इस महाविद्यालय के लिए यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. दीपशिखा भारद्वाज ने इस उपलब्धि के लिए महाविद्यालय की आईक्यूएसी समिति के अध्यक्ष डॉ. अजय कायथ एवं उनकी पूरी टीम को दिया है।
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