जयराम ठाकुर ने कहा, “सरकार नशे के खिलाफ अभियान के नाम पर इवेंट मैनेजमेंट कर रही है। स्कूली बच्चों को आठ-आठ घंटे धूप में खड़ा कर नाच-गाना करवाया जा रहा है। क्या नाच-गाने से नशा रुकेगा? सड़कों और चौराहों पर नौजवान नशे की ओवरडोज से दम तोड़ रहे हैं और सरकार केवल प्रचार में व्यस्त है।” उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के समय बॉर्डर एरिया पर सख्त घेराबंदी की गई थी, जिससे तस्कर कारोबार छोड़ने पर मजबूर हो गए थे। प्रेस वार्ता के दौरान जयराम ठाकुर ने एक और बड़ा धमाका करते हुए सरकार पर जासूसी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग नशे के सौदागरों को पकड़ने के बजाय विपक्ष के विधायकों की लोकेशन ट्रैक करने और उनके फोन टैप करने में लगा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया, “पुलिस अधिकारी मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए विधायकों की पल-पल की जानकारी ‘मुखिया’ को भेज रहे हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान भी यही खेल खेला गया। फोन टैपिंग के लिए गृह विभाग की अनुमति अनिवार्य होती है, लेकिन यहाँ अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर मनमर्जी से जासूसी कर रहे हैं। जयराम ठाकुर ने अंत में कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ प्रदेश को आर्थिक रूप से दिवालियापन की ओर धकेला जा रहा है, तो दूसरी तरफ नशे के माध्यम से प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति, यानी युवा पीढ़ी को तबाह किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नशा माफिया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगाम नहीं लगाई, तो भाजपा सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।
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