हिमवंती मीडिया/मंडी
उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिककरण योजना की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के उपरांत कुल 251 प्रकरणों को समिति द्वारा अनुमोदित किया गया, जिससे जिले में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को सुदृढ़ बनाने तथा नए उद्यम स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति सुनिश्चित हुई है। इस अवसर पर उपायुक्त ने बताया कि मंडी जिला वर्तमान में प्रदेश में इस योजना के क्रियान्वयन में तीसरे स्थान पर है, जो एक सराहनीय उपलब्धि है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय और सुदृढ़ करें। साथ ही लंबित मामलों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक युवा एवं उद्यमी इस योजना से जुड़कर स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि नए मामलों को समय पर स्वीकृति मिले, इसके लिए भी निर्धारित समय सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से जिले के दूर-दराज क्षेत्रों तक योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया। इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र, मंडी की महाप्रबंधक नेहा चौहान ने योजना की वर्तमान स्थिति, प्राप्त आवेदनों, उनकी प्रगति तथा बैंक स्तर पर स्वीकृति की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 35 प्रतिशत तक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी (अधिकतम ₹10 लाख) प्रदान की जाती है, जिससे सूक्ष्म उद्यमियों को अपने व्यवसाय के आधुनिकीकरण एवं स्थापना में सहायता मिलती है। बैठक में जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) गोपीचंद पाठक, जिला कृषि अधिकारी गोपाल चंद, बागवानी विभाग की एसएमएस प्रिया गौतम, विकास खंड अधिकारी सदर सुरेन्द्र कुमार, लीड बैंक प्रबंधक चंद्र प्रकाश, डीडीएम नाबार्ड राकेश वर्मा तथा स्वयं सहायता समूह की सदस्य दमा देवी, एफपीओ निदेशक मंडल सदस्य निशा देवी सहित अन्य उपस्थित रहे।
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