दिल्ली
एम्स (AIIMS) दिल्ली में हरीश राणा की इच्छामृत्यु की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद डॉक्टरों की विशेष टीम लाइफ सपोर्ट सिस्टम को धीरे-धीरे हटाने की प्रक्रिया अपना रही है. विशेषज्ञों के अनुसार मरीज को किसी तरह की पीड़ा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाता है पूरी मेडिकल प्रक्रिया को पूरा होने में करीब दो से तीन सप्ताह लग सकते हैं। कई सालों तक बिस्तर पर जिंदगी गुजारने के बाद अब हरीश राणा मौत का इंतजार कर रहा है. (Photo: ITG) कई सालों तक बिस्तर पर जिंदगी गुजारने के बाद अब हरीश राणा मौत का इंतजार कर रहा है। देश में पहली बार किसी मरीज को इच्छामृत्यु दी जा रही है. अब सबसे बड़ा सवाल है कि यह प्रक्रिया पूरी होने में कितना समय लगता है? एम्स के डॉक्टरों के मुताबिक यह कोई तुरंत होने वाली प्रक्रिया नहीं होती, बल्कि इसे बेहद सावधानी और संवेदनशीलता के साथ कई चरणों में पूरा किया जाता है।
सुप्रीम कोर्ट से हरीश राणा को इच्छामृत्यु की अनुमति मिलने के बाद अब उन्हें दिल्ली के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में लाया जा चुका है। बता दे कि हरीश के मामले में यह पूरी प्रक्रिया लगभग दो से तीन सप्ताह तक चल सकती है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस प्रक्रिया के लिए एम्स में एक विशेष डज्ञॅक्टरों की टीम बनाई गई है इस टीम का नेतृत्व एनेस्थीसिया और पैलिएटिव मेडिसिन विभाग की प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा मिश्रा कर रही हैं। टीम में न्यूरोसर्जरी, ऑनको-एनेस्थीसिया, पैलिएटिव मेडिसिन और मनोचिकित्सा विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं। हरीश को उनके गाजियाबाद स्थित घर से लाकर AIIMS परिसर के भीतर स्थित डॉ. बी.आर. आंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर हॉस्पिटल के पैलिएटिव केयर यूनिट में भर्ती कराया गया है. यही वह जगह है जहां उनकी स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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