जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को वाह्य सहायता प्राप्तपरियोजनाओं (ईएपी) के जरिए केंद्र सरकार द्वारा 3000 करोड़ रुपए की मदद की गई है। जिसमें से जायका दो के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं की सुदृढ़ीकरण के लिए 1617 रुपए के प्रोजेक्ट की स्वीकृति दी गई है। इसमें जायका द्वारा 1294 करोड़ रुपए का ऋण दिया जाएगा। जिसमें से 1165 करोड़ केंद्र सरकार वहन करेगी। इससे हिमाचल प्रदेश के 5 मेडिकल कॉलेज और 86 स्वास्थ्य संस्थाओं में व्यवस्थाएं सुधरेगी। इसके अलावा आपदा पुनर्निर्माण हेतु विश्व बैंक द्वारा 1992 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी गई थी। नरेंद्र मोदी का विरोध, भारतीय जनता पार्टी का विरोध अलग बात है और देश का विरोध अलगबात है। एआई इंपैक्ट समिट पर देश ही नहीं दुनिया की निगाहें थी। 20 से ज्यादा बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल थे। दुनिया की बड़ी से बड़ी टेक कंपनियों के मुखिया शामिल थे। वहां पर जाकर कांग्रेस का नंगा नाच कांग्रेस की असलियत को ही सामने ला रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान बहुतदुर्भाग्यपूर्ण है। हिमाचल भवन और सदन हिमाचल की प्रतिष्ठा और पहचान के प्रतीक हैं इसे हम षड्यंत्र का अड्डा और सराय नहीं बनने दे सकते हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के आर्थिक हालात को लेकर पूरी की पूरी कैबिनेट मुख्यमंत्री हमें दिल्ली पहुंची लेकिन हैरानी की बात यह है कि ना तो कोई प्रधानमंत्री से मिला और नहीं वित्त मंत्री से। कांग्रेस की पूरी कैबिनेट अपने-अपने नेताओं से मिलकर अपनी राजनीतिक समीकरणों को फिट करने में ही जुटी रही। हिमाचल को किसी भी प्रकार से यदि मदद होगी तो वह केंद्र सरकार से होगी प्रधानमंत्री से होगी वित्त मंत्री से होगी न कि कांग्रेस के नेताओं से, लेकिन उनसे मिलने तक की जहमत किसी ने नहीं उठाई। सुक्खू सरकार का रवैया इस बात का सबूत है कि सभी लोग सिर्फ और सिर्फ राजनीति करना चाहते हैं और हिमाचल के हितों के नाम पर घड़ी वाली आंसू बहा रहे हैं इनका हिमाचल प्रदेश के हितों से कोई लेनादेना नहीं है।
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