हिमवंती मीडिया/नाहन
रोहनाट कॉलेज को बंद नहीं होने देंगे” पर उद्योग मंत्री हर्ष वर्धन चौहान द्वारा दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक शिलाई एवं प्रवक्ता बलदेव तोमर ने कहा कि अपनी ही सरकार में अपने क्षेत्र के विकास कार्यों को बंद करवाने की नौबत आना कांग्रेस सरकार की अंदरूनी खींचतान और तानाशाही रवैये को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यह बयान मंत्री की मजबूरी को दर्शाता है, क्योंकि निर्णय कहीं और से लिए जा रहे हैं और मंत्री केवल औपचारिक बयानबाजी तक सीमित हैं। बलदेव तोमर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकार तानाशाही तरीके से चलाई जा रही है और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू एकतरफा फैसले लेकर दुर्गम क्षेत्रों के संस्थानों को बंद करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के अपने मंत्री भी इन निर्णयों से सहमत नहीं हैं, लेकिन खुलकर बोलने का साहस नहीं जुटा पा रहे और दबी जुबान में विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रोहनाट कॉलेज या किसी भी अन्य शिक्षण संस्थान के साथ छेड़छाड़ की गई तो भाजपा इसे अदालत से लेकर जनता की अदालत तक ले जाएगी। सरकार को कोर्ट के साथ-साथ जनता के कठघरे में भी जवाब देना पड़ेगा। शिलाई जैसे दुर्गम विधानसभा क्षेत्र में बच्चों को पहले ही लंबी दूरी तय कर शिक्षा प्राप्त करनी पड़ती है। ऐसे में कॉलेजों को बंद करना क्षेत्र के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। तोमर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही कई संस्थानों पर ताला लगाने का काम किया, जो पूरी तरह विकास विरोधी सोच को दर्शाता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे ही भाजपा की सरकार बनेगी, इन सभी संस्थानों को पुनः बहाल किया जाएगा। ये संस्थान जनता की मांग और दुर्गम क्षेत्रों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर खोले गए थे, न कि राजनीतिक दिखावे के लिए। उन्होंने कहा कि आज जब ज्ञान की रोशनी दुर्गम शिलाई क्षेत्र तक पहुंच रही है और यहां के युवा उच्च शिक्षा की ओर बढ़ रहे हैं, तब कांग्रेस उस प्रगति को देख नहीं पा रही। शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनते युवाओं से कांग्रेस सरकार घबराई हुई है। लेकिन भाजपा शिलाई और प्रदेश के हर दुर्गम क्षेत्र के बच्चों के भविष्य से कोई समझौता नहीं होने देगी।
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