हिमवंती मीडिया/धर्मशाला
कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने जोनल अस्पताल धर्मशाला की रोगी कल्याण समिति की गवर्निंग बाॅडी बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में अस्पताल के वित्तीय प्रबंधन, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, अधोसंरचना विकास, चिकित्सा उपकरणों की खरीद, मरम्मत कार्य, मानव संसाधन तथा पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों की अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई। कृषि मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा वर्तमान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समय पर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जाएँ। इसके लिए अस्पतालों की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को चरणबद्ध रूप से लागू करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिछली गवर्निंग बाॅडी की बैठक में लिए गए निर्णयों पर गंभीरता और समयबद्धता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिन योजनाओं और कार्यों को पूर्व में स्वीकृति दी जा चुकी है, उन्हें तय समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि सरकार सब-डिवीजन स्तर के अस्पतालों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि वहां मरीजों की स्क्रीनिंग, प्राथमिक जांच और प्रारंभिक उपचार प्रभावी ढंग से हो सके। इससे केवल गंभीर और जटिल मामलों को ही जिला अथवा जोनल अस्पतालों में रेफर किया जाएगा, जिससे उच्च स्तरीय अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव कम होगा और उपचार व्यवस्था अधिक सुचारू बनेगी।
उन्होंने आधुनिक चिकित्सा तकनीकों पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य में एडवांस सर्जरी तथा रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की दिशा में सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है। प्रदेश के अस्पतालों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार के लिए बाहर न जाना पड़े। बैठक में जोनल अस्पताल धर्मशाला के अंतर्गत विभिन्न विभागों में चल रहे विकास कार्यों, उपकरणों की खरीद, मरम्मत एवं रखरखाव, बजट प्रावधानों तथा आगामी वित्तीय वर्ष की आवश्यकताओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर जोनल अस्पताल की एमएस अनुराधा शर्मा ने अस्पताल की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जोनल अस्पताल धर्मशाला में कुल 34 डॉक्टर सेवाएँ दे रहे हैं, जिनमें 23 विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं। अस्पताल में 4 ऑपरेशन थियेटर उपलब्ध हैं। वर्ष 2025 के दौरान अस्पताल में 2 लाख 91 हजार से अधिक ओपीडी रोगियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। उन्होंने बताया कि जोनल अस्पताल में 300 बेड की क्षमता है तथा रोगियों को 350 प्रकार की दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी विवेक करोल, जोनल अस्पताल धर्मशाला की रोगी कल्याण समिति की गवर्निंग बॉडी के सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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