हिल व्यू पब्लिक स्कूल, माजरा के छात्रों ने किया एक दिवसीय कुरुक्षेत्र का शैक्षिक भ्रमण

हिमवंती मीडिया/पांवटा साहिब 

हिल व्यू पब्लिक स्कूल, माजरा द्वारा कक्षा छठवीं से दसवीं तक के विद्यार्थियों के लिए कुरुक्षेत्र का एक दिवसीय शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया गया। भ्रमण का प्रथम गंतव्य कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र रहा, जहाँ विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान, रोबोट निर्माण, वैज्ञानिक प्रयोगों तथा आधुनिक तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा। इसी परिसर में स्थित कल्पना चावला तारामंडल में विद्यार्थियों को सौरमंडल, ग्रहों, उपग्रहों तथा प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के जीवन एवं उपलब्धियों की जानकारी दी गई। इस प्रस्तुति ने विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति विशेष रुचि उत्पन्न की। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण संग्रहालय का भ्रमण किया जिसमें दो भवनों में स्थित छह दीर्घाएँ हैं। यहाँ पत्थर एवं कांस्य की मूर्तियाँ, चित्रकला, पत्तियों पर की गई नक्काशी, कलाकृतियाँ तथा ऐतिहासिक अवशेष प्रदर्शित हैं, जिनसे भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं महाभारत काल की घटनाओं का विस्तृत ज्ञान प्राप्त हुआ। इसके बाद दल ने गीता संग्रहालय स्थित श्रीकृष्ण धाम का भ्रमण किया। श्रीकृष्ण धाम में स्थापित भगवान श्रीकृष्ण की अत्यंत सुंदर, भव्य एवं मनोहारी मूर्ति विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। यहाँ प्रकाश प्रभावों के माध्यम से महाभारत युद्ध, अर्जुन का विषाद तथा भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया गीता का उपदेश सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। गीता के अठारह अध्यायों तथा उनके जीवनोपयोगी संदेशों को सरल ढंग से समझाया गया, जिससे विद्यार्थियों को भारतीय दर्शन, संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों की गहरी समझ प्राप्त हुई। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने ज्योतिसर तीर्थ के दर्शन किए, जिसे भगवद्गीता का जन्मस्थल माना जाता है, जहाँ वटवृक्ष के नीचे भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को उपदेश दिया था।

इस पवित्र स्थल का धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा। इसके बाद विद्यार्थियों ने शेख चिल्ली के मकबरे का भ्रमण किया, जिसे “हरियाणा का ताजमहल” भी कहा जाता है। यह सत्रहवीं शताब्दी का मुगलकालीन स्मारक है, जो अपनी भव्य स्थापत्य कला और सुंदर नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है। इसके पश्चात सभी ने ब्रह्म सरोवर का भ्रमण किया, जिसे भगवान ब्रह्मा द्वारा प्रथम यज्ञ स्थल माना जाता है। इस विशाल एवं पवित्र सरोवर का शांत, स्वच्छ और दिव्य वातावरण सभी को अत्यंत प्रभावित करने वाला रहा। विद्यार्थियों ने अनुभव किया कि पाठ्य-पुस्तकों में पढ़ने की अपेक्षा ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थलों को प्रत्यक्ष देखना अधिक प्रभावी, रोचक और स्मरणीय होता है। सभी अध्यापिकाओं ने नीतू सिंह, अलका देवी, लीना चप्पा, सत्या चौहान, अनीता कुमारी एवं सुरक्षा धीमान विद्यार्थियों के साथ पूर्ण रूप से सहभागी रहीं और पूरे भ्रमण को सुरक्षित, अनुशासित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया। इस शैक्षिक भ्रमण का मार्गदर्शन विद्यालय की निर्देशिका पूनम गोयल एवं शैक्षिक निदेशक अजय शर्मा ने किया। यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं स्मरणीय रही। इससे उनमें विज्ञान, इतिहास, संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति रुचि और अधिक विकसित हुई। विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकगण के सहयोग से यह शैक्षिक भ्रमण पूर्ण रूप से सफल रहा।

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