उप-मुख्यमंत्री ने 43वीं परिवहन विकास परिषद् की बैठक में उठाए हिमाचल के अहम मुद्दे

हिमवंती मीडिया/शिमला 

उप-मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने नई दिल्ली में परिवहन मंत्रियों की राष्ट्र स्तरीय बैठक एवं 43वीं परिवहन विकास परिषद् की बैठक में भाग लिया। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश के परिवहन क्षेत्र से जुड़े कई महत्त्वपूर्ण मुद्दे उठाए और उनके समाधान के लिए केन्द्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा टैक्सी परमिट की वैधता वर्तमान में 12 वर्ष निर्धारित है, जिससे वाहन मालिकों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने टैक्सी परमिट की अवधि को कम से कम 15 वर्ष या वाहन के सड़क पर चलने योग्य रहने तक बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में भूमि की उपलब्धता सीमित है।

उन्होंने क्लस्टर योजना के तहत ड्राइविंग टेस्ट स्कूल और ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन को अलग-अलग स्थापित करने की व्यवस्था करने का आग्रह किया, ताकि इस केन्द्रीय योजना का लाभ प्रदेश के लोगों को मिल सके। इसके अलावा, उन्होंने मालवाहक वाहनों जैसे टिप्पर की वाहन क्षमता वास्तविक ढुलाई के अनुसार तय करने का सुझाव भी दिया। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में एक प्रभावी, सुरक्षित और जनहितैषी परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए केन्द्र सरकार के साथ मिलकर निरंतर प्रयास कर रही है। नितिन गडकरी ने मुकेश अग्निहोत्री को हिमाचल प्रदेश की सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय राज्यों को आधारभूत ढांचे के विकास, परिवहन सुधारों तथा स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने में हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।

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