हिमवंती मीडिया/शिमला
तत्कालीन क्योंथल रियायत के प्राचीन राजमहल के भीतर दूसरे दिन भी आग बुझाने का कार्य बदस्तूर जारी रहा। दमकल, पुलिस, होमगार्ड और स्थानीय लोग पूरा दिन मुस्तैदी के साथ राजमहल के भीतर आग बुझाने और मलवा निकालने में व्यस्त रहे। राजपरिवार के सदस्य पंकज सेन ने बताया कि राजमहल के भीतर देवता जुन्गा के 22 टीका मंदिर( पौल) में मलवा भरा पड़ा है परंतु अभी तक देवता की मूर्तियां (मोहरे ) नहीं मिल पाए हैं । इन्होने बताया कि क्योंथल रियासत से काफी लोग शुंक्रवार से राजमहल से मलवा निकालने तथा देवता के मोहरे को ढूंढने का कार्य कर बड़ी मुस्तैदी से करेगें।
उन्होने बताया कि यदि सरकार ने जुन्गा में अग्निशमन का कार्यालय खोला होता तो इस ऐतिहासिक धरोहर को अग्नि से बचाया जा सकता था । बताया कि जबतक शिमला से दमकल की गाड़ियां जुन्गा पहंुची तक राजमहल के आधे हिस्से में भीष्ण आग फैल चुकी थी । तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि जब तक राजमहल से आग पूरी तरह से बुझ नहीं जाती तब तक दमकल की गाड़िया,ं पुलिस और होमगार्ड के जवान इस कार्य में डटे रहेगें । उन्होने बताया कि दमकल की गाड़ियों के समय पर आने से राजमहल के साथ लगते निजी आवासों को बचाया जा सका है । उन्होने बताया कि राजमहल के भीतर से आग को बुझाने का कार्य शुक्रवार को भी जारी रहेगा।
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