हिमवंती मीडिया/शिमला
नगर नियोजन एवं आवास मंत्री राजेश धर्माणी ने हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी आथॉरिटी (रेरा) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य हिमाचल की भौगोलिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य में सुनियोजित निर्माण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य में लोगों को किफ़ायती, पर्यावरण अनुकूल और बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि रेरा रियल एस्टेट में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और संपत्ति संबंधी विवादों के निवारण में अहम भूमिका निभाता है। रेरा द्वारा संपत्ति के ख़रीददारों को परियोजनाओं संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाने के अलावा पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का सर्वोत्तम उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में रेरा में 269 रियल एस्टेट परियोजनाएं और 159 रियल एस्टेट एजंेट पंजीकृत हैं। रेरा द्वारा 194 शिकायतों में से 144 का निवारण किया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए वेब-एक्स के माध्यम से ऑनलाइन शिकायतों की सुनवाई सुनिश्चित की गई है। ट्रैज़री में रेरा द्वारा 1.2 करोड़ रुपये जमा करावाए गए है। इसके अतिरिक्त लगभग 7 करोड़ रुपये घर ख़रीददारों को वापिस किए गए है।
उन्होंने कहा कि रेरा घर ख़रीददारों को सशक्त बनाने और परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि डेवलपर को परियोजना संबधी प्लान, ले-आउट और निर्माण में उपयुक्त होने वाली सामग्री का विवरण देना आवश्यक है। इससे ख़रीददारों को बेहतर परियोजनाएं उपलब्ध होगी। निष्पादन एजंेसियों द्वारा परियोजनाओं से संबधित जियो टैग फोटोग्राफ और वीडियो के माध्यम से संबधित विभाग द्वारा परियोजनाओं में गुणवतापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं की शिकायतों के निवारण और परियोजनाओं संबधित मामलों के समाधान कर रेरा ख़रीददारों और डेवलपर के बीच विश्वास को और मजबूत कर रहा है। बैठक में बिल्डिंग सेफ्टी काउन्सिल के गठन के संबध में भी चर्चा की गई। बैठक में रेरा के सदस्य विदुर मेहता, अध्यक्ष आर. डी. धीमान और अन्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
GIPHY App Key not set. Please check settings