हिमवंती मीडिया/बिलासपुर
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में चिट्टे के खिलाफ व्यापक जन आंदोलन के तहत बिलासपुर में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) से लुहणु मैदान तक आयोजित एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन का नेतृत्व किया, जिसमें समाज के सभी वर्गों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। इसमें भारी संख्या में विद्यार्थी, जन प्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। पूरा बिलासपुर शहर चिट्टा विरोधी नारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने वॉकथॉन आरम्भ होने से पहले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर में उपस्थित लोगों को चिट्टे और मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ जागरूकता शपथ भी दिलाई। सुक्खू ने कहा कि चिट्टा कोई साधारण नशा नहीं है, बल्कि यह ऐसा जहर है, जो बच्चों की मुस्कान छीन लेता है और युवाओं के सपनों को जला देता है तथा परिवारों तथा समाज को तबाह कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ 15 नवंबर को शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से चिट्टे के खिलाफ जन-आंदोलन की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में एंटी चिट्टा वालंटियर योजना आरम्भ करने जा रही है। इस योजना के तहत कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, एनसीसी, एनएसएस, युवा क्लबों और समाज के जागरूक युवाओं को एंटी-चिट्टा वॉलंटियर के रूप में जोड़ा जाएगा ताकि उन्हें इस लड़ाई के खिलाफ योद्धा बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि चिट्टा तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है और नशे के शिकार व्यक्तियों के लिए पुनर्वास पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला के कोटला बड़ोग में बन रहे पुनर्वास केंद्र के लिए राज्य सरकार ने 20 करोड़ रुपए की धनराशि जारी कर दी है।
उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर को चिट्टे से प्रभावित 234 पंचायतों में समकालिक बैठकों का आयोजन किया गया, जिनमें नशा तस्करी से संबंधित स्थानीय सूचनाओं की समीक्षा, समुदाय आधारित जागरूकता अभियानों की रूपरेखा तथा आगामी रोकथाम एवं प्रवर्तन रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। इन बैठकों का उद्देश्य पंचायत स्तर पर नशामुक्ति प्रयासों को सुदृढ़ करना और समुदायों को अभियान का सक्रिय भागीदार बनाना था। उन्होंने कहा कि 19 व 20 दिसंबर को चिन्हित मेडिकल दुकानों पर कार्रवाई, भारी मात्रा में नशीली दवाएं और 24 लाख रूपये नकद जब्त किए गए हैं। इसके अलावा सरकारी भूमि पर या चिट्टे के धंधे से कमायी गई चिट्टा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर भी सख्त कार्रवाई की गई है। इस तरह के अतिक्रमण एवं अवैध भवन निर्माण के कुल 72 मामलों में से 14 में कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है, शेष मामलों में राजस्व विभाग स्तर पर आगे की कार्रवाई प्रगति पर है। नगर नियोजन तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, पूर्व मंत्री राम लाल ठाकुर, पूर्व विधायक तिलक राज तथा बंबर ठाकुर, नशा निवारण बोर्ड के सह संयोजक संजय भारद्वाज, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, उपायुक्त राहुल कुमार, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
GIPHY App Key not set. Please check settings