हिमवंती मड़िया/शिमला
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध लड़ाई में जनभागीदारी और सतत जागरूकता नितांत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जागरूक और सतर्क नागरिक सरकार एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रयासों को प्रभावी रूप से मजबूत कर सकते हैं। राज्यपाल ने शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में यूथ एनलाइटनमेंट सोसायटी (यस) द्वारा आयोजित सांस्कृतिक एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित किया। राज्यपाल ने कहा कि संस्कृति और सामाजिक चेतना समाज को उसकी जड़ों से जोड़ती है और सामूहिक प्रगति को सही दिशा प्रदान करती है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में नशा एक वैश्विक समस्या का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि नशा-मुक्त हिमाचल तभी संभव है जब युवा आगे आकर दृढ़ संकल्पित होकर इस सामाजिक बुराई के खिलाफ खड़ा हो।
यूथ एनलाइटनमेंट सोसायटी के प्रयासों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक गतिविधियों में करने से उन्हें नशे से दूर रखा जा सकता है। यह राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम है। उन्होंने कहा, ‘सशक्त युवा वही है जो अनुशासन, सेवा और नशे से दूरी बनाए रखे।’ उन्होंने नागरिकों से स्वस्थ, नशा-मुक्त और सशक्त हिमाचल प्रदेश के लिए सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया। इससे पूर्व यूथ एनलाइटनमेंट सोसायटी के राज्य अध्यक्ष मोहित ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर नशे के दुष्प्रभावों को प्रदर्शित करती एक नुक्कड़ नाटिका भी प्रस्तुत की गई तथा अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय, सुन्नी के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी, संस्था के प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
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