हिमवंती मीडिया/राजगढ़
हरियाणा के कुरूक्षेत्र में आगामी 28 नवंबर से 05 दिसंबर तक आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के अवसर पर राजगढ़ की पहौता घाटी के उभरते कलाकार मंच हब्बी अपनी शेरो शायरी के साथ मंच का संचालन करेंगे। एनजेडसीसी के सौजन्य से इस महोत्सव में करीब 20 राज्यों के लोक कलाकार अपने-अपने राज्यों की संस्कृति से रूबरू कराएंगे। महेंद्र हब्बी मूलत: राजगढ़ की पझौता घाटी के गांव शलेच द्रबला के निवासी हैं। क्वैश्चन सिंगिंग, वाद्यन, मंच संचालन का बचपन से ही शौक रहा है। शिक्षा ग्रहण के दौरान हब्बी स्कूल स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रम में सदैव प्रथम स्थान पर रहे। वर्ष 2010 में जमा दो की परीक्षा का उद्घाटन करने के बाद महेंद्र हाब्बी को पूर्ण रूप से लोक संस्कृति के सरंक्षण एवं अभिनंदन के लिए समर्पित किया गया। इन्होने राजगढ़ क्षेत्र के जानेमाने कलाकार चंद्रमोहन ठाकुर के सांस्कृतिक दल से अपने संगीत का सफर शुरू किया। इस दौरान इन्होने दोबम नोखरा तेरा और तेरा आसरा लोकगीत के फिल्मांकन में सुपरस्टार नायक अपनी अहम भूमिका निभाई। वर्ष 2012 में महेंद्र हाब्बी ने चेष्टा लोक नृत्य कला मंच के नाम से अपना सांस्कृतिक दल पंजीकृत शहर और दल के माध्यम से सिरमौर की समृद्ध संस्कृति को प्रदेश के अतिरिक्त देशों के कई राज्यों में लोकगीतों और लोक नृत्य के माध्यम से पंजीकृत किया।
हिमाचल प्रदेश सूचना एवं जन विभाग संपर्क पर्यटन विभाग में मंच हाबी के चेष्टा लोक नृत्य कला मंच को एक श्रेणी का मानक प्राप्त हुआ है। हाब्बी ने बताया कि भारत के लगभग 22 राज्यों में अपने दल के कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये हैं जिनमें मंच संचालन प्रमुख शामिल हैं। भारत के पूर्व राष्ट्रपति, अथैतिक के स्वामी और तमिलनाडु के राज्य के स्वामी, स्वामी आदि हैं। वर्ष 2018 में दिल्ली के लाल किले में आयोजित जयति जय मम भारतम कार्यक्रम में उनके दल को अपनी प्रतिभा का अवसर प्राप्त हुआ, भारत के 5500 कलाकारों ने एक साथ एक मंच पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में संगीत अकादमी केजन्य से नाम दर्ज किया। इसके अलवा महेंद्र हब्बी लोकगीत का आविष्कार भी हुआ है। इसके अलावा नृत्य निर्देशन और लोक नाट्य भी सुप्रसिद्ध है।
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