हिमवंती मीडिया/मंडी
जिला कल्याण विभाग की ओर से नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय, मंडी के कॉन्फ्रेंस हॉल में कल्याण अधिकारी मास्टर वालंटियर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की विश्वनाथ मंडी अपूर्व देवताओं ने की। अहिंसा ने अपने सिद्धांत में कहा कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्ति भारत अभियान को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाना है और मास्टर वॉलंटियर्स को व्यवहारिक ज्ञान, कौशल और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में चिट्टा विरोधी जागरूकता अभियान की शुरुआत की जा चुकी है और मंडी जिले में भी यह अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है। आज आयोजित प्रशिक्षण में जिले के 50 युवा एवं युवतियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि चिट्टा और अन्य नशीले मसालों के सप्लायर्स और स्टार्स के खिलाफ सीक्वल एक्शन की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, अन्य संबंधित विभाग और विभिन्न संस्थाएं मिलकर चित्त और अन्य नशे को जड़ से खत्म करने के लिए एकजुटता के साथ काम कर रही हैं। सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाना, युवाओं को नशे से दूर रखना और सहायता उपायों की जानकारी आम जनता तक शिक्षा वॉलंटियर्स की महत्वपूर्ण भूमिका निभाना। प्रशिक्षण सत्र में स्वास्थ्य विभाग से डॉ. पवन ने नशे की वर्तमान स्थिति, इसके मनोवैज्ञानिक प्रभाव और स्वास्थ्य अध्ययन पर विस्तृत जानकारी दी। गुंजन ऑर्गनाइजेशन जिले के विशेषज्ञ पंकज पंडित ने राष्ट्रीय एवं परिपेक्ष्य, मास्टर वॉलंटियर की भूमिका और परामर्श के मूल सिद्धांतों पर जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, रूचिका (क्षेत्र अधिकारी) ने नशा मुक्त भारत अभियान के विभिन्न आयामों एवं सूची पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में सभी सहयोगियों का स्वागत जिला कल्याण अधिकारी समीर ने किया। छात्रावास में जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय बदरेल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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