महाविद्यालय में हुआ राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) इकाई द्वारा एक विशेष ऑनलाइन कार्यक्रम

हिमवंती मीडिया/पांवटा साहिब

श्री गुरु गोबिंद सिंह जी राजकीय महाविद्यालय, पांवटा साहिब (जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश) की राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) इकाई द्वारा Vegan Outreach संस्था के सहयोग से “Food-Planet-Health” (भोजन-पृथ्वी-स्वास्थ्य) विषय पर एक ऑनलाइन प्रमाणपत्र वेबिनार का सफल आयोजन किया गया। इस वेबिनार का उ‌द्देश्य विद्यार्थियों को भोजन की आदतों, पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य के आपसी संबंधों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का संचालन एन.एस.एस. इकाई के सहयोग से किया गया। वेबिनार का शुभारंभ एन.एस.एस. कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरुण कुमार दफरैक के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और मुख्य वक्ता का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि युवाओं की जीवनशैली में छोटे-छोटे परिवर्तन पर्यावरण संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने पौष्टिक आहार, पर्यावरणीय संतुलन और मानवीय जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर महावि‌द्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश चौहान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वच्छ पर्यावरण दोनों ही जीवन के लिए समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने छात्रों से संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाने तथा जंक फूड से दूर रहने की अपील की।

डॉ. चौहान ने कहा कि असंतुलित और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं, बल्कि इनका उत्पादन पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने इस तरह के कार्यक्रमों को छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। मुख्य वक्ता के रूप में सुश्री निया ढिल्लों, आउटरीच कोऑर्डिनेटर, वीगन आउटरीच (भारत) ने अपना विचार प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कैसे पाँध-आधारित आहार हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हुए जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जैव विविधता की हानि जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक हो सकता है। उन्होंने छात्रों को जिम्मेदार उपभोक्ता बनने और अपने आहार में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन एन. एस.एस. कार्यक्रम अधिकारी प्रो. प्रतिभा चौधरी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, वक्ता, प्राचार्य और आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल जागरुकता फैलाते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। यह वेबिनार छात्रों के लिए एक प्रेरणादायक और शिक्षाप्रद अनुभव रहा जिसने उन्हें यह समझने में सहायता की कि भोजन, स्वास्थ्य और पृथ्वी के बीच गहरा संबंध है, और हर व्यक्ति अपने स्तर पर पर्यावरण के संरक्षण में योगदान दे सकता है।

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