हिमवंती मीडिया/शिमला
नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवा वितरण में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया गया है। हिमाचल प्रदेश के डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग (डीडीटीजी) ने 51 हिमसेवा (ई-जिला सेवाओं) के साथ-साथ हिमपरिवार और हिमएक्सेस कार्ड को डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया है। यह राज्य की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग को नई दिल्ली में आयोजित डिजिलॉकर 2025 पर राष्ट्रीय कार्यशाला एवं सम्मेलन में प्रतिष्ठित ‘पीपुल्स फर्स्ट इंटीग्रेशन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार हिमाचल प्रदेश सरकार के डीडीटीजी सचिव आशीष सिंहमार को केन्द्रीय इलैक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव ने अतिरिक्त सचिव/महानिदेशक, एनआईसी और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (एनईजीडी) के सीईओ की उपस्थिति में प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (आईटी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल ने विभाग को बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि नवाचार और प्रौद्योगिकी के माध्यम से डिजिटल समावेशन और नागरिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को इंगित कर रही है।
डीडीटीएंडजी के निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि विभाग ने डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म पर 53 प्रकार के नागरिक प्रमाण पत्रों और दस्तावेजों को एकीकृत करने के लिए मिशन मोड पर काम किया है। इनमें हिम परिवार, हिम एक्सेस कार्ड, बोनाफाइड हिमाचली प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर की प्रति, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र और हिमसेवा (ई-डिस्ट्रिक्ट) पोर्टल के माध्यम से प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाएं शामिल हैं। यह एकीकरण न्यूनतम दस्तावेज़ीकरण और नागरिकों के लिए एक सुरक्षित, एकीकृत डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करके सरकारी सेवाओं तक निर्बाध, कुशल और पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित करता है। राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि हिमाचल प्रदेश के नेतृत्व की त्वरित, सरल, समावेशी और नागरिक आधारित सेवा वितरण के लिए प्रौद्योगिकी का सर्वोत्तम समावेश सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित कर रही है।
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