हिमवंती मीडिया/राजगढ़
राजगढ़ उप मंडल के रासूमांदर के देवठी मंझगांव में हर वर्ष नवंबर माह के दौरान क्षेत्र के आराध्य देव रूद्र महाराज के नाम पर एकादशी मेले का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष यह मेला 6 से 9 नवंबर तक रूद्र देवता के मौड़ के प्रांगण में हर्षोंल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मेले का शुभारंभ 06 नवंबर को प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह करेगें। जिसकी पुष्टि एसडीएम राजगढ़ राजकुमार ठाकुर ने की है। मंदिर मेला समिति के अनुसार प्रबोधनी एकादशी को देवठी मझगांव में रूद्र महादेव प्रादुर्भाव हुआ था। रूद्र महादेव के इस प्रकटोत्सव पर हर वर्ष देवठी मझगांव में प्रबोधनी एकादशी में मेले का आयोजन किया जाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को प्रारंभ होकर यह मेला तीन दिन तक चलता है। इस दिन रूद्रमहादेव को पुरानी देवठी से गांव के साथ लगते एक अन्य मंदिर अर्थात मौड़ में वाद्य यंत्रों के साथ ले जाते हैं। इसी के साथ ही देवता के नाम पर जागरे की परंपरा आरंभ हो जाती है। जिसमें क्रमवार जागरा देवठी,मझगांव, कूंथल, लवाणा, ठारू और मधैईक का जागरा सबसे अंत में होता है। सातवें दिन मौड़ के प्रागण मंे रूद्र महाराज का विशाल मेला आयोजित किया जाता है जिसमें देवता के गुर सामूहिक नृत्य में भाग लेते हैं।
मेले के दौरान लोगों के मनोरंजन के लिए करियाला व ड्रामा का मेला समिति द्वारा आयोजन किया जाता है। इस वर्ष मेला समिति ने लोगों के मनोरंजन के लिए प्रसिद्ध कलाकारों को आंमत्रित किया गया है जिनमें पंकज ठाकुर, दीपक चौहान, रोशनी शर्मा, भारती शर्मा, विनोद रांटा, विक्की कौंडल, विवेक राजटा सहित अनेक कलाकार अपनी सुरीली आवाज से धमाल मचाएंगे। मेला समिति के बताया कि कि देवठी मंझगांव स्थित मंदिर में रूद्र महादेव दो रूप में विराजमान है जिनमें एक पशुपति और दूसरे भूतपति रूद्र महादेव है। कामांह ब्राह्मण की पत्नि घर पर दही के मंथन के दौरान पशुपति रूद्र महादेव की उत्पति हुई है जबकि भूतपति महादेव को प्रादुर्भाव क्षेत्र के राजा के वध से जुड़ा है। सिर कटा धड़ घोड़े पर सवार होकर रूद्र महाराज के मंदिर में आकर समा गया था।
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