राजस्व अधिकारी संघ ने सरकार से मांगी ई-टैक्सी सुविधा

हिमवंती मीडिया/शिमला

हिमाचल प्रदेश राजस्व अधिकारी संघ ने सरकार से अन्य विभागों की तर्ज पर ई-टैक्सी सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है। संघ के अध्यक्ष एवं तहसीलदार जुन्गा नारायण सिंह वर्मा ने विशेष बातचीत में  बताया कि राजस्व अधिकारियों को भू-इंतकाल, भू विभाजन, निशानदेही के अतिरिक्त अन्य प्रशासनिक, न्यायिक, आपदा प्रबंधन और कानून व्यवस्था सहित बहुआयामी कार्यों के निष्पादन के लिए फील्ड में जाना पड़ता है परंतु वाहन की सुविधा न होने से राजस्व अधिकारियों को बहुत कठिनाई से जूझना पड़ता है। उन्होने बताया कि राजस्व अधिकारी फील्ड में लोगों को सुशासन प्रदान करने मंें अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होने बताया कि कि ई-टैक्सी की व्यवस्था से सरकार पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा बल्कि  इस खर्च को ई-गवर्नेंस फंड से वहन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त उन्होने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से राजस्व अधिकारियों को  वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होने बताया कि इन दिनों पूरे प्रदेश में भारी वर्षा के कारण बहुत नुकसान हो रहे है।

राजस्व अधिकारी फील्ड में राहत एवं बचाव कार्य में डटे हुए है परंतु वाहन न होने के कारण इन्हें  मौके पर पहूंचने के लिए काफी परेशानी पेश आ रही है। नारायण वर्मा का कहना है कि राज्य के अनेक तहसील एवं उप-तहसीलों में कार्यरत राजस्व तहसीलदारों के लिए  न तो कार्यालय भवन और न ही सरकारी आवास की कोई उचित व्यवस्था है। संघ ने सरकार से हर तहसील और उप-तहसील मुख्यानलयों पर राजस्व अधिकारियों के लिए मानक कार्यालय एवं सरकारी आवास के निर्माण की मांग की है। उन्होने बताया कि अनेक उप मंडल मुख्यालय पर राजस्व अधिाकारियों के आवास पर संबधित एसडीएम कब्जा जमाए बैठे हुए है। उन्होने सरकार से मांग की है कि वर्तमान में जो आवास एसडीएम द्वारा कब्जाए गए है उन सभी सरकारी आवासों को खाली करवाकर राजस्व अधिकारियों को सौंपें जाए। उन्होने सरकार से सभी राजस्व अधिकारियों को पहचान पत्र जारी करने की भी मांग की है ताकि राजस्व अधिकारियों को बतौर कार्यकारी मेजिस्ट्रेट के रूप में कार्य करने के दौरान फील्ड में  कोई कठिनाई  पेश आए। अध्यक्ष ने सरकार से तहसीलदारों की विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने और उन्हें एचएएस में शामिल करने की प्रक्रिया को तेज करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त तहसीलदारों की वरिष्ठता सूची और सिविल लिस्ट जारी करने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GIPHY App Key not set. Please check settings

Back to Top

Ad Blocker Detected!

Refresh

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.

Close