हिमवंती मीडिया/बद्दी(स्वस्तिक गौतम)
प्रदेश में तैनात महिला अधिकारी के कांवड़ियों पर डाली पोस्ट से सरकार की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ गई है। सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं का कहना है कि भगवान कभी भी यह नहीं कहते कि उनके व भक्तों के नाम पर व्यंग्य करों और उससे नाम कमाओ। शिमला में तैनात महिला अधिकारी का बयान उनके लिए शायद आफत बन सकता है। शिमला में तैनात इस अधिकारी ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि कांवड लाने से नहीं बेटा किताबों से काबिलियत आती है।इस विषय में हिंदू संगठन ओर कांवड़ संघ उनके विरोध में आ गया है। कांवड संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र प्रभाकर, भाजपा नेता प्रेम गौतम ने कहा कि किसी भी देवता या माता के भक्त के नाम पर व्यंग्य करने से भगवान की पूजा का प्रतिफल कभी नहीं मिलता और न ही देवता प्रसन्न होते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रभु या भक्त यह कभी यह नहीं कहते कि मेरे नाम पर व्यंग्य करो ,क्योंकि मैं भक्ति से प्रसन्न होता हूं। सरकारी विभाग में तैनात अधिकारी की कांवड़ियों पर संगठनों ने कडा विरोध जताया है। उक्त नेताओं का कहना है कि अधिकरी की टिप्पणी सरासर गलत है। कहना है कि धर्म अथवा मन्दिर या भक्त के नाम पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करना कानूनीद व संवैधानिक तौर से सही नहीं है। जब अधिकारी ही सोशल मीडिया में बयानबाजी पर व्यस्त रहेंगे तो वह कार्य कब करेंगे और उनको न चाहते हुए भी गलत कार्य करने पडते हैं। यह गलत है और इससे प्रदेश सरकार व सीएम की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने उक्त महिला अधिकारी से मांग की है कि वे कांवड़ियों से माफी मांगे अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।
GIPHY App Key not set. Please check settings