हिमवंती मीडिया/बिलासपुर(स्वस्तिक गौतम)
बिलासपुर मनाली शहर को जाने वाले नेशनल हाईवे का हाल हिमाचल प्रदेश के प्रवेश द्वार का ऐसा हाल शायद देश में कहीं हो। यह ऐसा रोड है जहां वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। गौरतलब है कि पिंजौर-बददी-नालागढ़ निर्माणाधीन फोरलेन बिलासपुर को जोड़ता है। केंद्र सरकार का हिमाचल के विकास में अहम योगदान रहा है और उन्होने प्रदेश को एम्स का तोहफा भी दिया है लेकिन एनएचएआई को किसी भी बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। विभाग ने बददी से नालागढ़ को जाने वाली सडक़ को नदी बनाकर छोड दिया है। बददी टोल बैरियर से ट्रक यूनियन तक की सडक़ का डिजाईन एनएचएआई ने इस प्रकार किया है इसमें अपने आप पानी का तालाब बन जाता है।
गत रात्रि हुई बारिश से लाज मोर्टस के आगे की सडक़ नदी के रुप में परिवर्तित हो गया है। न तो केंद्र सरकार, न ही एनएचएआई , न हिमाचल सरकार, न जिलाधीश सोलन न ही बददी एसडीएम कार्यालय ने अभी तक लोगों की दिक्कतों का संज्ञान लिया है। लोग आखिर शिकायत करें तो भी करें किससे। एक संगठन का धरना 13 जुलाई को बददी नालागढ़ 17 किलोमीटर सडक़ी बदहाली को लेकर प्रदेश के प्रमुख सामाजिक संगठन ने बददी के विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ इसी रोड़ पर धरना प्रदर्शन रखा है जिसमें एनएचएआई विभाग व एनएचएआई के चेयरमैन का पुतला फूंक कर रोष जताया जाएगा।
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