मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में देश को कुशल कार्यबल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हिमाचल सरकार ने की अभिनव पहल

हिमवंती मीडिया/शिमला 

हिमाचल प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कुशल कार्यबल की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में देश को कुशल कार्यबल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हिमाचल सरकार ने अभिनव पहल की है। प्रदेश सरकार राज्य में नवाचार को बढ़ावा दे रही है। इसके दृष्टिगत समग्र ड्रोन इको सिस्टम की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। ड्रोन प्रौद्योगिकी कृषि, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में अहम भूमिका निभाती है। ग्रीन हिमाचल विजन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश में ड्रोन प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित करना नितांत अनिवार्य हैै। वर्तमान इस वित्त वर्ष के दौरान लोगों को ड्रोन टैक्सी सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा कार्य योजना बनाई जा रही है, इससे प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के कृषि उत्पाद और दवाइयां इत्यादि की आपूर्ति करने में सहायता मिलेगी। ड्रोन टैक्नोलॉजी इंटरवेंशन से कृषि और बागवानी क्षेत्रों में आधुनिकीकरण के दृष्टिगत जिला हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा में ड्रोन स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। ड्रोन प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकार युवाओं के लिए स्वरोजगार और रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से वर्ष 2024-25 में राज्य के 243 युवाओं ने ड्रोन से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

युवाओं को ड्रोन प्रौद्यागिकी में दक्ष बनाने के साथ-साथ अब राज्य में न्यू एज पाठ्यक्रमों का समावेश भी किया जा रहा है। इस दिशा में जिला कांगड़ा के नगरोटा बगवां में राजीव गांधी राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और डाटा सांइस का नया महाविद्यालय, जिला शिमला के प्रगति नगर में अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में सिविल इंजीनियरिंग डिग्री कोर्स, जिला मंडी के राजकीय पॉलिटेक्निकल सुन्दरनगर में कम्प्यूटर सांइस एवं इंजीनियरिंग (एआई एण्ड मशीन लर्निंग) का डिप्लोमा कोर्स शुरू करने को स्वीकृति प्रदान की है। इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित जाएगी। एआई और डाटा सांइस क्षेत्र में वर्तमान में अपार संभावनाएं है। इन क्षेत्रों में युवाओं का कौशल उन्नयन कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में नवाचार संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो करोड़ रुपये के इनोवेशन फंड की स्थापना की जाएगी, जिसके माध्यम से प्रदेश के युवा अपनी नवाचार पहलों को साकार रूप प्रदान कर सकेंगे। जिला बिलासपुर के घुमारवीं में सार्वजनिक निजी भागीदारी व सैल्फ फाइनांसिंग आधार पर डिजिटल यूनिवर्सिटी ऑफ इनोवेशन, इन्टरप्रेन्योरशिप, स्किल एण्ड वोकेशनल स्टडीज की स्थापना की जाएगी। इस यूनिवर्सिटी के माध्यम से युवाओं के नवाचार और इन्टरप्रेन्योरशिप स्किल को निखारा जाएगा। प्रदेश सरकार सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में युवाओं के लिए नवाचार और स्वरोजगार के नए द्वार खोल रही है। सरकार के इन प्रयासों से हिमाचल निश्चित रूप से देश का आईटी हब बनकर उभरेगा।

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