हिमवंती मीडिया/शिमला

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए बहुआयामी प्रयास कर रही है। तकनीकी शिक्षा और वोकेशनल ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार प्रदाता के रूप में स्थापित करना है। राज्य सरकार ने युवाओं के नवोन्मेषी विचारों और उनके हुनर को मंच प्रदान करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं।उन्होंने कहा कि राज्य में सूक्ष्म, लघु उद्यमों और स्टार्टअप इको सिस्टम का निर्माण किया जा रहा है। विभिन्न तकनीकी संस्थानों के प्रशिक्षुओं को उद्यमशीलता की ओर प्रोत्साहित करने के लिए उद्योग विभाग के 120 विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करेेंगे। इसके अतिरिक्त बाजार की मांग के अनुरूप एआई और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे माध्यमों से प्रशिक्षुओं की सॉफ्ट स्किल्ज को निखारा जा रहा है ताकि वह भविष्य के अवसरों का अधिकतम लाभ उठा सकें।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ करने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में एडीबी और अन्य संस्थाओं द्वारा कई परियोजनाएं वित्तपोषित की जा रही हैं। बागवानी, प्राकृतिक खेती और डेयरी तकनीक जैसे क्षेत्रों में विषय विषेशज्ञों की बढ़ती मांग को देखते हुए तकनीकी संस्थानों में इन विषयों का समावेश किया जा रहा है। विद्यार्थियों के ज्ञान संवर्धन के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्रों एवं कृषि महाविद्यालयों के साथ समन्वय भी स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कुशल कार्यबल तैयार किया जा रहा है। क्षेत्र संबंधित समस्याओं के समाधान में इन संस्थानों के प्रशिक्षु उल्लेखनीय भूमिका निभा रहे है। नगर निगम मंडी में स्ट्रीट लाईटों से संबंधित समस्या के समाधान में आईटीआई मंडी के प्रशिक्षुओं ने उत्कृष्ट कार्य किया है।