हिमवंती मीडिया/पांवटा साहिब
हिमाचल प्रदेश और भारत के लिए गर्व और उत्सव का क्षण। पांवटा साहिब की प्रसिद्ध आध्यात्मिक विशेषज्ञ, टैरो कार्ड रीडर, रेकी ग्रैंड मास्टर, एंजल हीलर, न्यूमरोलॉजिस्ट और पास्ट लाइफ रिग्रेशन थेरेपिस्ट डॉ. हरलीन कौर को लंदन स्थित प्रतिष्ठित हाउस ऑफ कॉमन्स, ब्रिटिश संसद में अंतरराष्ट्रीय सम्मान से नवाजा जाएगा। डॉ. हरलीन कौर को यह सम्मान 26 जून 2026 को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन के 10वें अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार समारोह के दौरान प्रदान किया जाएगा। यह समारोह दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक पैलेस ऑफ वेस्टमिंस्टर, लंदन के प्रतिष्ठित मेंबर्स डाइनिंग रूम, हाउस ऑफ कॉमन्स में आयोजित होगा। समारोह में विश्वभर के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व, राजनयिक, वैश्विक गणमान्य लोग, उद्यमी, समाज सुधारक और विभिन्न देशों के विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे।डॉ. हरलीन कौर पिछले कई वर्षों से टैरो रीडिंग, ज्योतिष, रेकी हीलिंग, एंजल हीलिंग, न्यूमरोलॉजी, पास्ट लाइफ रिग्रेशन थेरेपी और अन्य आध्यात्मिक विज्ञान व समग्र उपचार पद्धतियों के माध्यम से हजारों लोगों के जीवन को मार्गदर्शन दे रही हैं और सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। आध्यात्मिक कल्याण और वैकल्पिक उपचार विज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें अब तक 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
उनकी प्रमुख उपलब्धियों में दादासाहेब फाल्के नारी शक्ति पुरस्कार, सरोजिनी नायडू पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान शामिल हैं। इसके अलावा, पिछले सात वर्षों से लगातार देहरादून में आयोजित प्रसिद्ध ज्योतिष महाकुंभ में उन्हें आध्यात्मिक और ज्योतिषीय विज्ञान में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य के गणमान्य लोगों द्वारा ‘ज्योतिष विभूषण’ और ‘ज्योतिष भूषण’ जैसे सम्मानों से नवाजा गया है। इस सम्मान को विशेष बनाने वाली बात यह है कि हिमाचल प्रदेश से अब तक केवल गिने-चुने व्यक्तित्वों को ही लंदन से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐसा गौरव प्राप्त हुआ है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह के पुत्र राजा विक्रमादित्य सिंह और ‘नाटी किंग’ के नाम से प्रसिद्ध लोक कलाकार कुलदीप शर्मा प्रमुख हैं। महत्वपूर्ण रूप से, डॉ. हरलीन कौर हिमाचल प्रदेश की उन पहली महिलाओं में से एक बन रही हैं, जिन्हें लंदन स्थित ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स में इतना प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त होगा। यह उपलब्धि न केवल उनका व्यक्तिगत मील का पत्थर है, बल्कि पांवटा साहिब, हिमाचल प्रदेश और पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। इस सम्मान की घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी, गर्व और उत्सव की लहर है। सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संगठनों ने डॉ. हरलीन कौर को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपना आभार व्यक्त करते हुए डॉ. हरलीन कौर ने यह सम्मान अपने गुरुजनों, परिवार, छात्रों और शुभचिंतकों को समर्पित किया और कहा कि उनका मिशन हमेशा भारत के प्राचीन आध्यात्मिक विज्ञान और समग्र उपचार परंपराओं को वैश्विक मंच पर बढ़ावा देना रहा है।
